जल्दी जवानी ढलने के 10 कारण


जीवन का अपना एक निश्चित चक्र होता है और इस चक्र में जीवन के अलग अलग पड़ाव अपनी अपनी बारी से आते हैं । जैसे कि बाल्यावस्था, किशोरावस्था, यौवनावस्था, अधेड़ावस्था और वृद्धावस्था ।

बाल्यावस्था:- बाल्यावस्था जो पाँच वर्ष से 12 वर्ष तक रहती है| इस बाल्यावस्था में मनुष्य को बहुत कुछ सिखने को मिलता है जैसे की स्थायित्व, प्रबल जिग्यास प्रवृति, संचय की प्रवृति, वास्तविक जगत में प्रवेश, रचनात्मक एवं क्रियाशीलता का विकास, अनुकरण की प्रवृति, बहिर्मुखी व्यक्तित्व, सामूहिक प्रवृति  की प्रबलता, सामूहिक खेलो में रूचि, भ्रमण की प्रवृति, सामूहिक गुणों का विकास, रुचियों में विभिन्नता, मानसिक विकास और नैतिक गुणों का विकास हो जाता है|

किशोरावस्था:-  किशोरावस्था मनुष्य के जीवन का बसंतकाल माना गया है। यह काल बारह से उन्नीस वर्ष तक रहता है, परंतु किसी किसी व्यक्ति में यह बाईस वर्ष तक चला जाता है। यह काल भी सभी प्रकार की मानसिक शक्तियों के विकास का समय है। भावों के विकास के साथ साथ बालक की कल्पना का विकास होता है।

यौवनावस्था:- यौवनावस्था की आयु 20 साल से लेकर 50 साल तक की मानी जाती है। किन्तु बहुत से लड़के और लडकियाँ अपने आप को 35-40 की उम्र में ढलता हुआ महसूस करने लग जाते हैं।

अधेड़ावस्था:- अधेड़ावस्था जिसमें रोगी की स्मरण शक्ति गंभीर रूप से कमजोर हो जाती है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, वैसे-वैसे यह रोग भी बढ़ते जाते है।

वृद्धावस्था:- वृद्धावस्था या बुढापा जीवन की उस अवस्था को कहते हैं जिसमें उम्र मानव जीवन की औसत काल के समीप या उससे अधिक हो जाती है। वृद्ध लोगों को रोग लगने की अधिक सम्भावना होती है। उनकी समस्याएं भी अलग होती हैं। वृद्धावस्था एक धीरे-धीरे आने वाली अवस्था है जो कि स्वभाविक व प्राकृतिक घटना है।

आज हम यौवनावस्था के बारे में बात करेंगे यौवन वह अवस्था है जिस समय में जीवनी शक्ति शरीर में अपने चरम पर होती है । बहुत से लोग लम्बे समय तक अपने को युवा रख पाते हैं और कुछ लोगों की जवानी जल्दी ढल जाती है। इस लेख में हम आपको वो महत्तवपूर्ण जानकारी बताने जा रहे हैं जिनके वजह से जवानी जल्दी ढलने लगती है ।

जानिए जवानी ढलने के 10 मुख्य कारण

1. सबसे पहला कारण है शरीर पर चढ़ने वाला मोटापा। ज्यादा फैट वाले लोगों में फैटी टिश्यू हार्मोन का असन्तुलन शरीर में पैदा करते हैं जिस कारण से शरीर जल्दी पकने लगता है और शरीर की मेटाबॉलिज्म गड़बड़ हो जाती है । खास बात यह है कि शरीर पर मोटापा चढ़ने की शुरूआत भी अधिकतर यौवन की अवस्था में ही होती है । अतः जब भी युवा लोगों को लगे कि शरीर मोटा हो रहा है वो इस तरफ गम्भीर ध्यान दें ।

2. युवावस्था जल्दी जाने का दूसरा कारण है रोजाना रहने वाला तनाव, फिर वो तनाव चाहे जिस भी कारण से हो असर तो डालता ही है । तनाव में रहने वाले इन्सान के शरीर का दैनिक चक्र धीरे धीरे प्रभावित होने लगता है और उसकी भूख, नींद, शौच आदि जरूरी नित्य कर्मों का समय गड़बड़ हो ही जाता है । यह अवस्था शरीर से युवावस्था को विदा करने में एक सक्रिय उत्प्रेरक का काम करती है ।

3. यौवन को जल्दी दूर करने वाला कारण है कम सोना और असमय सोना । कई लोग काम की अधिकता के कारण कम सो पाते हैं और कई लोगों को रात की ड्यूटी के कारण रात में प्राक्रतिक नींद ले पाने का मौका नही मिल पाता है । कम अथवा ज्यादा सोने अथवा असमय सोने से शरीर में शरीर में दोषों की स्थिति विषम होती है । वही रात को ना सोने से शरीर में वात दोष बढ़ जाता है और शरीर में वात दोष का बढ़ना वृद्धावस्था के निकट आने का स्पष्ट संकेत होता है ।Jivan

4. इस लिस्ट में नम्बर चार पर आता है नशा और धूम्रपान करना । नशा करने पर प्रारम्भ में तो शरीर में उत्तेजना और शक्ति का सँचार महसूस होता है किन्तु लगातार सेवन करते रहने से शरीर में वात और पित्त दोष दूषित होकर वात नाड़ियों को कमजोर बनाते हैं और शरीर अपनी पूरी क्षमता के मुकाबले कम काम कर पाता है ।

5. कुछ विशिष्ट प्रकार की दवायें भी शरीर का क्षय करती हैं । कई बार चिकित्सको की मजबूरी हो जाती है कि इस तरह की दवायें रोगी को देनी पड़ती हैं जो कि उनके गम्भीर रोग के इलाज के लिये जरूरी होती हैं लेकिन ये दवायें जीवनी शक्ति को बहुत ज्यादा घटाती हैं । जैसे कि स्टेरॉयड दवायें और शरीर में अंग प्रत्यारोपण के बाद जीवन भर चलने वाली दवायें । अगर आप भी कूछ इस तरह की दवायें खाते हैं तो अपने चिकित्सक से इस बारे में जरूर बात करें कि किस तरह से इनके दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है ।

6. इस सूचि में अगला नम्बर आता है मधुमेह के रोग का । सुनने में अब सामान्य सा लगने वाला, और दवाओं के माध्यम से कण्ट्रोल में रहने वाला यह मेटाबॉलिक रोग धीरे धीरे शरीर को अन्दर से खोखला करता ही है । मधुमेह के रोग से शरीर में कैताबॉलिक क्रियाऐं अर्थात शरीर को घटाने वाली क्रियाऐं तेज हो जाती हैं और शरीर अपेक्षाकृत जल्दी बूढ़ा होने लगता है ।

7. यौवन को जल्दी ढलाने में आपके भोजन का भी बहुत अहम रोल होता है । टाईम-बेटाईम खाना और बासी और कम पौष्टिक खाना शरीर के लिये नुक्सान करने वाला होता है । इसके अलावा जंक फूड और फ्राइड और तले हुए भोजन का ज्यादा सेवन भी निश्चित तौर पर आपके यौवन पर प्रभाव डालता है ।

8. रक्त चाप का रोग अर्थात ब्लड प्रेशर रहने के कारण भी शरीर की नसों में शिथिलता आने लगती है । शरीर का ताप बढ़कर त्वचा की चमक भी खोने लगती है । इन सब दशाओं में शरीर धीरे धीरे कमजोर होने लगता है । और लम्बे समय तक शरीर में रहने वाली कमजोरी उम्र के लक्षणों को समय से पहले ही ले आती है ।

9. कैफीन युक्त पदार्थों जैसे कि चाय और कॉफी एवं चॉकलेट का ज्यादा सेवन शरीर के मेटबॉलिज्म के लिये बहुत गलत रूप से प्रभावी है । कफीन के ज्यादा सेवन से शरीर में उत्तेजना बढ़ती है जो कि लगातार बढ़ी रहने से शरीर अन्दर से खोखला होने लगता है और शरीर पर वृद्धावस्था के लक्षण दृष्टिगोचर होने लगते हैं ।

10. सही रूप से पोषण ना मिलने के कारण भी शरीर बूढ़ा होने लगता है । जब किसी भी कारण से लम्बे समय तक शरीर को जरूरी पोषण उचित मात्रा में ना मिले तो शरीर ऊर्जा की पूर्ति करने के लिये कोशिकाओं को तोड़कर उनमें सँचित ऊर्जा को ही प्रयोग में लाने लगता है । इस अवस्था में शरीर तेजी के साथ अपना यौवन खोने लगता है ।

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सुनील कुमार

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