Author: सुनील कुमार

चैत्र नवरात्री का धार्मिक और वैज्ञान‌िक दृष्ट‌ि से महत्त्व

नवरात्रि एक हिंदू पर्व है। नवरात्रि एक संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ होता है ‘नौ रातें’। इन नौ रातों और दस दिनों के दौरान, शक्ति/देवी के नौ रूपों की पूजा की जाती है। नवरात्रि के नौ रातों में माँ दुर्गा…

दादर और नगर हवेली की अनुसूचित जनजातियां

जाति व्यक्ति का जिस समाज में जन्म हुआ हो उसे जाति कहते हैं। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, तेली, लोहार, कुर्मी. धोबी आदि कुछ भारतीय हिन्दू जातियाँ हैं। वैदिक समाज को श्रम विभाजन के निमित्त चार वर्णों में विभक्त किया गया था।…

दमन और दीव की अनुसूचित जनजातियां

जाति व्यक्ति का जिस समाज में जन्म हुआ हो उसे जाति कहते हैं। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, तेली, लोहार, कुर्मी. धोबी आदि कुछ भारतीय हिन्दू जातियाँ हैं। वैदिक समाज को श्रम विभाजन के निमित्त चार वर्णों में विभक्त किया गया था।…

छत्तीसगढ़ की अनुसूचित जनजातियां

जाति व्यक्ति का जिस समाज में जन्म हुआ हो उसे कहते हैं। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, तेली, लोहार, कुर्मी. धोबी आदि कुछ भारतीय हिन्दू जातियाँ हैं। वैदिक समाज को श्रम विभाजन के निमित्त चार वर्णों में विभक्त किया गया था। ये…

बिहार की अनुसूचित जनजातियाँ

जाति व्यक्ति का जिस समाज में जन्म हुआ हो उसे जाति कहते हैं। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, तेली, लोहार, कुर्मी. धोबी आदि कुछ भारतीय हिन्दू जातियाँ हैं। वैदिक समाज को श्रम विभाजन के निमित्त चार वर्णों में विभक्त किया गया था।…

असम की अनुसूचित जनजातियाँ

जाति व्यक्ति का जिस समाज में जन्म हुआ हो उसे जाति कहते हैं। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, तेली, लोहार, कुर्मी. धोबी आदि कुछ उत्तरभारतीय हिन्दू जातियाँ हैं। वैदिक समाज को श्रम विभाजन के निमित्त चार वर्णों में विभक्त किया गया था।…

अरुणाचल प्रदेश की अनुसूचित जनजातियाँ

जाति व्यक्ति का जिस समाज में जन्म हुआ हो उसे जाति कहते हैं। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, तेली, लोहार, कुर्मी. धोबी आदि कुछ उत्तरभारतीय हिन्दू जातियाँ हैं। वैदिक समाज को श्रम विभाजन के निमित्त चार वर्णों में विभक्त किया गया था।…

आंध्रप्रदेश की अनुसूचित जनजातियाँ

जाति व्यक्ति का जिस समाज में जन्म हुआ हो उसे जाति कहते हैं। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, तेली, लोहार, कुर्मी. धोबी आदि कुछ उत्तरभारतीय हिन्दू जातियाँ हैं। वैदिक समाज को श्रम विभाजन के निमित्त चार वर्णों में विभक्त किया गया था।…

अंडमान और निकोबार की जनजातियाँ

जाति व्यक्ति का जिस समाज में जन्म हुआ हो उसे कहते हैं। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, तेली, लोहार, कुर्मी. धोबी आदि कुछ उत्तरभारतीय हिन्दू जातियाँ हैं। वैदिक समाज को श्रम विभाजन के निमित्त चार वर्णों में विभक्त किया गया था। ये…

जाने अरीठा/रीठा से हमारे शरीर को कितने फायदे

आज हम आपको बताने जा रहे है एक ऐसा फल जिस के बारे में आप सबने सुना तो होगा पर उसके अनेको गुणों से अनभिज्ञ है. जी हाँ अरीठा या रीठा एक ऐसा फल जिसके सेवन से आपकी सेहत में…

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