शारीरिक कमजोरी को दूर करने के आयुर्वेदिक उपचार


आयुर्वेद शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है । आयुः जिसका अर्थ हे जीवन तथा वेद का अर्थात हे ज्ञान। इसलिए आयुर्वेद का अर्थ है, स्वस्थ जीवन जीने का ज्ञान । एलोपैथी औषधि केवल रोग का उपचार करती है. किंतु आयुर्वेद समग्र जीवनपद्धति है जो रोग तथा रोगी दोनों का पूर्ण उपचार करती है ।

आयुर्वेदिक उपचार के दो प्रमुख लक्ष्य निम्नलिखित हैं :

1. स्वस्थ लोगों के स्वास्थ्य को बनाए रखना
2. रोगियों के रोग को ठीक करना

आज हम आपको कुछ एसे आयुर्वेदिक और घरेलु नुस्खो के बारे में बताने जा रहे है, जिहने अपना कर आप अपने जीवन में बहुत सी बीमारियों से बहुत ही आसानी से निजात पा सकते है| अगर किसी व्यक्ति को शारीरिक कमजोरी रहने की शिकायत है तो ऐसे व्यक्ति आयुर्वेदिक उपचार का सहारा ले कर शरीर को स्वस्थ बना कर सेहतमंद जीवन जी सकते है।

हमारे शारीरिक कमजोरी के कारण

हमारे शरीर में ज़रूरी पोशक तत्वों की कमी के कारण हमारा शरीर कमज़ोर बन सकता है। चिंता और भय सताने पर भी हमारे शरीर में कमजोरी आ सकती है। अच्छी तरह से भोजन ना करने पर भी यह समस्या हो सकती है। दस्त, उल्टी होने पर भी कमजोरी आ जाती है। कुदरती वेग यानि मल-मूत्र को रोके रखना भी कमजोरी आने का कारण हो सकता है।

शारीरिक कमजोरी दूर करने के आयुर्वेदिक व घरेलू उपाय

एक बलवान शरीर इन्सान की सब से बड़ी पूंजी होती है। समतोल आहार, नित्य व्यायाम और चिंता रहित जीवन शरीर को स्वस्थ बनाए रखता है। फिर भी हम आपको कुछ एसे तरीके बताने जा रहें है, जो आपकी शारीरिक कमजोरी को दूर करने में सहायता करेंगे|

भूख बढ़ाने का तरीका :- टमाटर का ताज़ा सूप पीने से भूख बढ़ती है, और शरीर में उत्पन्न हुई खून की कमी दूर हो जाती है। इस उपाय से शारीरिक कमजोरी भी दूर होती है। टमाटर का सूप पीने से मुख-मंडल पर लाली आ जाती है।

शंखपुष्पी का रस :- दिन में दो बार शंखपुष्पी का रस पीने से शरीर की कमजोरी दूर होती है। एक बार में 10-15ml रस पिये।

सेब खाने से शारीरीक कमजोरी दूर रहती है :- सुबह में एक या दो सेब खा कर उस के ऊपर गुनगुना गरम मीठा दूध पीने से शारीरीक कमजोरी दूर होती है। सेब खाने से हृदय गति भी ठीक रहती है। मस्तिष्क को भी लाभ होता है।

कॉफी पिने से पेट के फायदे :- कॉफी का सेवन करने से मानसिक तनाव दूर होता है, और शरीर भी नयी ताज़गी महसूस करता है। भोजन करने के बाद कॉफी पीने से पेट हल्का महसूस करता है। कॉफी पीने से पेट की छोटी मोटी गड़बड़ियाँ भी दूर हो जाती हैं।

धातु की दुर्बलता :- धातु की दुर्बलता ( sexual weakness / यौन दुर्बलता) दूर करने के लिए पके हुए फालसा खाना लाभदायी होता है। शहद में पोस्तादान पीस कर प्रति दिन उसका सेवन करने पर शरीर की कमजोरी की समस्या दूर होती है।

दूध पीने से शारीरीक कमजोरी दूर रहती है :- दूध पीने से शरीर में शक्ति आती है, नपुंसकता दूर करने के लिए सर्दियों के मौसम मे केसर वाला दूध पीने से पौरुष शक्ति बढ़ती है। और संभोग करने के बाद बादाम वाला दूध पीने से थकान और कमजोरी दूर होती है। (दूध में तीन से चार बादाम पीस कर डालें)।

मांसपेशीयों को आराम :- मांसपेशियों की कमजोरी दूर करने के लिए थोड़ा नमक ले कर उसे ठंडे पानी में मिला लें और फिर उस घोल से पूरे शरीर पर मालिश करें। यह उपाय करने पर शरीर की मांसपेशीयों को आराम मिलेगा।

छाछ पीने के फायदे :- छाछ पीने से आंतों का रोग नहीं होता है। पाचन शक्ति बढ़ती है। छाछ में काली मिर्च और नमक मिश्रित कर के पीने से शरीर को काफी लाभ होता है। छाछ पीने से पेट साफ रहता है और पेट साफ रहने से बीमारियाँ नहीं होती है। और कमजोरी नहीं आती है।

पेठे के बीज के फायदे :- सफ़ेद पेठे के बीज के अंदरूनी हिस्से को पीस कर उस आटे को घी मे सेक कर उसमे थोड़ा सर्करा मिला लें और इस तैयार पदार्थ के लड्डू बना लें। और प्रति दिन सेवन करें। इस प्रयोग से शरीर शक्तिवान बनेगा और कमजोरी दूर होगी।

अलसी के बीज के फायदे :- प्रति दिन एक गिलास दूध के साथ अलसी के बीज साबुत निगलने से भी शरीर की कमजोरी दूर होती है। यह प्रयोग दिन में दो बार भी किया जा सकता है, पर शुरुआत एक बार से करें।

उड़द की दाल के फायदे :- उड़द पचने में भारी होते हैं, पर शक्तिवर्धक होते हैं। रात को उड़द की दाल भिगो कर रख लें और फिर सुबह में उसे पीस कर 1 चम्मच देशी घी और आधा चम्मच शहद मिला कर उसे खा लेने से शरीर बलवान बन जाता है। इस पदार्थ को खाने के बाद शक्कर (मिश्री) मिला दूध पीना चाहिए। उड़द की दाल छिलके सहित खाने से शरीर में चरबी बढ़ती है। तथा कमजोरी दूर होती है।

दिमागी कमजोरी दूर  करने का उपाए:- सौ से डेढ़ सौ ग्राम धनिया पीस कर पानी में उबाल लें। जब यह घोल 25% जितना रह जाए तब इसे आग से उतार लें। इस गाढ़े मिश्रण का नित्य सेवन करने से दिमागी कमजोरी दूर होती है। जुकाम दूर होता है, और आँखों की रोशनी में आई हुई कमी दूर होती है।

पाढ़ल के फूलों के फायदे :- कमजोरी दूर करने के लिए पाढ़ल के फूलों के गुलकंद का सेवन एक उत्तम उपाय है।

शहद और काली मिर्च के फायदे :- शहद में काली मिर्च का चूर्ण मिला कर प्रति दिन उसका सेवन करने से शरीर के स्नायु मज़बूत होंगे।

निर्गुण्डी के तैल के फायदे :- निर्गुण्डी के तैल की मालिश करने से पैरों की कमजोरी दूर होती है।

बागी सलाद के पत्तों के फायदे :- शरीर में विटामिन और खनिज तत्वों की कमी दूर करने के लिए बागी सलाद के पत्तों का सलाद खाने के साथ खाना चाहिए।

ऊटकटारा की जड़ से शरीर ऊर्जावान बनता है :- पाँच से दस ग्राम ऊटकटारा की जड़ का रस प्रति दिन दो बार शहद के साथ लेने से शरीर की कमजोरी खत्म हो जाती है। और शरीर ऊर्जावान बनता है।

नीम की छाल के फायदे :- बीमारी के बाद शरीर में उत्पन्न हुई कमजोरी को दूर करने के लिए नीम की छाल का काढ़ा बना कर पीना लाभदायक होता है।

वीर्य बढ़ाने के लिए :- वीर्य (sperm) बढ़ाने के लिए, नया खून शरीर में बढ़ाने के लिए, शरीर को स्फूर्ति दायक बनाने के लिए और कमजोरी मिटाने के लिए नियमित रूप से आठ से दस खजूर रोज़ खाने चाहिए। और खजूर के ऊपर आधा गिलास या एक कप दूध पीना चाहिये।

खजूर के फायदे :- देशी खजूर शक्ति वर्धक होता है। खजूर के बीज दूर कर के खजूर में मक्खन भर कर खाने से शरीर शक्तिवान बनता है।

पीपल के पत्तों से फायदा :- शारीरीक कमजोरी दूर करने के लिए पीपल के पत्तों का मुरब्बा लाभदायक होता है।

अखरोट के फायदे :- अच्छी क्वालिटी के अखरोट की गिरि खाने पर भी शरीर को शक्ति मिलती है।

पोदीना के फायदे :- विटामिन ई से भरपूर पोदीना शरीर को सुस्त और कमज़ोर होने से रोकता है।और पोदीना शरीर की नसों को ताकत देता है।

मटर के दाने खाने से फायदे :- मटर के दाने खाने से शरीर में मांस और खून की वृद्धि होती है।

मखाने खाने के फायदे :- यौन शक्ति बढाने और शरीर की कमजोरी दूर करने के लिए मखाने की खीर का सेवन प्रति दिन करना लाभदायी होता है।

शहद और लाल चीता के फायदे :- शहद के साथ लाल चीता दिन में दो बार लेने से शरीर की कमजोरी दूर होती है। इस प्रयोग से शरीर ऊर्जावान और फुरतीला बनता है। (लाल चीता की मात्रा दो ग्राम रखें)।

मुनकके के सेवन के फायदे :- मुनक्का शक्तिवर्धक होता है। दिन में दो बार मुनकके का सेवन करने से कमजोरी दूर होती है।

मूंगफली के सेवन से ताकत आती है :- मूंगफली खाने से भी शरीर में चरबी बढ़ती है और ताकत भी आती है।

घी और गुग्गुल के फायदे :- घी या शहद के साथ गुग्गुल का सेवन करने से शरीर शक्तिवान बनता है।

दूध, सर्करा और मुई छत्ता को एक साथ लेने के फायदे :- दूध, सर्करा और मुई छत्ता इन तीनों को उबाल कर थोड़ा ठंडा होने पर उसका सेवन करने से शरीर की कमजोरी दूर हो जाती है।

अनार खाने के फायदे :- अनार खून का शुद्धिकरण करता है। शरीर में रक्तसंचार सुव्यवस्थित चलता रखने के लिए भी अनार का सेवन करना चाहिए।

गाजर के सेवन के फायदे :- गाजर का हलवा शक्तिवर्धक होता है। गाजर का रस पीते रहने से शरीर में चर्बी बढ़ती है। दुबले और कमज़ोर व्यक्ति को हर रोज़ गाजर का सेवन करना चाहिए।

मीठे आम खाने के फायदे :- प्रति दिन सुबह में मीठे आम खा कर (रस चूस कर) उसके ऊपर सौठ वाला दूध पीने से शरीर मज़बूत होता है। दूध में आम का रस मिश्रित कर के पीने से वीर्य बढ़ता है, शारीरीक कमजोरी दूर होती है।

दूध में सौठ और छुहारे के फायदे :- दूध में सौठ और छुहारे डाल कर गरम कर के पीने से  शारीरीक कमजोरी दूर होती है।

गर्भपात में मेथी के सेवन से फायदे :- हरी मेथी का रोज़ाना सेवन करने से शरीर की कमजोरी दूर होती है। खास कर एक स्त्री जिसे गर्भपात हुआ हों, उसे शरीर में खून की कमी और कमजोरी की समस्या आम होती है, ऐसे समय हरी मेथी का नित्य सेवन शरीर को शक्ति प्रदान करता है और शरीर में खून भी बढ़ाता है।

दूध और केले के सेवन के फायदे :- रोज़ाना सुबह एक केला दूध के साथ खाने से शरीर को शक्ति मिलती है। दूध और केले को साथ लेने से शरीर में चरबी और शक्ति दोनों बढ़ती है। किसी दुबले व्यक्ति को वज़न बढ़ाने और ताकत पाने के लिए यह आसान उपाय ज़रूर करना चाहिए।

विधारा का चूर्ण के फायदे :- दो ग्राम विधारा का चूर्ण शक्कर (मिश्री) मिले ताज़े दूध के साथ प्रति दिन दो बार लेने से शरीर की कमजोरी नाश होती है।

काजू के दूध के फायदे :- काजू के दूध का लेप पैरों की कमजोरी दूर करने के लिए उत्तम उपाय है। काजू के दूध का लेप पैरों पर दिन में दो से तीन बार लगाना चाहिए।

शरीर रुष्ट-पुष्ट बनाने का उपाए :- कपूर, बास, बादाम और इलायची के दाने, इन सभी वस्तुओं को पचास-पचास ग्राम भिगो कर छान लें। और फिर पचास ग्राम पिस्ते के साथ इस इन सब को बारीक पीस कर दो लीटर दूध में हल्की आंच पर पका लें। गाढ़ा हलवे जैसा मिक्स तैयार होने पर उसमे बीस ग्राम चाँदी का वर्क मिला लें। इस तैयार किए हुए पदार्थ को प्रति दिन दस से पंद्रह ग्राम सेवन करें। इस उपचार से शरीर रुष्ट-पुष्ट बन जाएगा और नेत्रों की रोशनी भी बढ़ेगी।

वायविडंग के साथ अनंतमूल के फायदे :- वायविडंग के साथ अनंतमूल के घोल का सेवन करने से कमजोरी दूर होती है। यह प्रयोग दिन में दो बार करना चाहिए। एक बार में बीस से पच्चीस ग्राम तैयार किया हुआ मिश्रण ग्रहण करना चाहिए।

गन्ना खाने के फायदे :- गन्ना खाने से पाचन शक्ति बढ़ती है। पेट की गरमी दूर होती है। शरीर को शक्ति मिलती है। तथा शरीर तगड़ा बनता है।

शरीर में ताकत और खून बढ़ाने का तरीका :- जायफल तथा जावित्री दोनों को दस-दस ग्राम ले कर उसमे अश्वगंधा पचास ग्राम मिला लें। इस मिश्रण को प्रति दिन दो बार एक एक चम्मच दूध के साथ लेने पर शरीर में ताकत आती है और खून भी बढ़ता है।

देशी घी के फायदे :- रोज़ाना देशी घी खाने से शारीर में उर्जा बढ़ती है। चीनी और घी को मिश्रित कर के उसका सेवन करना चाहिए।

नारियल खाने के फायदे :- नारियल खाने से भी शरीर मोटा होता है। नारियल शक्तिवर्धक भी होता है। नारियल का सेवन करने से बाल भी मज़बूत और घने काले बनते हैं। दिन में एक या दो बार तीस से पचास ग्राम नारियल खाना चाहिये।

आयुर्वेदिक उपचार एक उत्तम और सरल उपाय है अपने शारीरिक कमजोरी को दूर करने के लिए, पर फिर भी किसी भी प्रकार के उपचार आज़माने से पहले एक बार अपने चिकित्सक (Doctor) की सलाह ज़रूर ले लें।


सुनील कुमार

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