भांग का सेवन करने के फायदे और नुकसान


भांग (bhang), जिसे हम भगवान शिव का प्रसाद भी मानते हैं, भांग एक प्रकार का पौधा है जिसकी पत्तियों को पीस कर भांग तैयार की जाती है। उत्तर भारत में इसका प्रयोग बहुतायत से स्वास्थ्य, हल्के नशे तथा दवाओं के लिए किया जाता है। हमारा समाज यह मानता है, कि भांग तो नशेड़ी आदमी पीता हैं, भांग के ज्यादा सेवन से नुकसान भी होता है लेकिन भांग के बहुत से फायदे भी हैं| आज हम आपको भांग खाने के जिन ग़ज़ब फायदे, नुकसान और नशा उतारने के उपाय के बारे में बतानें जा रहे है, जिसके बारे में शायद ही कोई बता पाएँ|

भांग के नर पौधे के पत्तों को सुखाकर भांग तैयार की जाती है। भांग के मादा पौधों की रालीय पुष्प मंजरियों को सुखाकर गांजा तैयार किया जाता है। भांग की शाखाओं और पत्तों पर जमे राल के समान पदार्थ को चरस कहते हैं। भांग की खेती प्राचीन समय में ‘पणि’ कहे जानेवाले लोगों द्वारा की जाती थी।

जाने भांग के फायदे और नुकसानBhang

1. यदि किसी को अपनी भूख बढ़ानी है, तो सही मात्रा में भांग का सेवन करने से भूख बढ़ती हैं, इसके लिए काली मिर्च के साथ भांग का चूर्ण सुबह-शाम दोनों समय चाटना चाहिए कुछ ही दिनों में भूख बढ़ जाएगी|

2. सर्दियों में त्वचा रूखी और खुरदरी हो जाती है, ऐसे में भांग की पत्तियों को पीसकर इसका लेप बनाकर त्वचा पर लगाने से त्वचा चिकनी हो जाती है|

3. भांग खाने के बाद शरीर पर नर्वस सिस्टम का कंट्रोल नहीं रहता है इसलिए लोग अपनी किसी भी गतिविधि को नियंत्रित नहीं कर पाते ऐसे में आदमी का बहुत अधिक हंसना, रोना और सोना यह सब सामान्य लक्षण हैं| यदि भांग के नशे के बाद व्यक्ति आंखें बंद करने की बजाय आंखें खोलकर सो रहा है तो इसे हल्के में न लें, उसे तुरंत अस्पताल ले जाए वरना वह कोमा तक जा सकता हैं|

4. यदि भांग का नशा ज्यादा होने पर आदमी बेहोश हो गया है तो सरसों का तेल गर्म करके उसकी दो-दो बूंदे दोनो कानो में डालें. जल्द ही होश आ जाएगा|

5. भांग का नशा उतारने के लिए ज्यादा से ज्यादा खटाई का सेवन करना चाहिए, इसके लिए आप नींबू, लस्सी, दही, संतरा आदि प्रयोग कर सकते हैं|

6. भांग का नशा उतारने में देसी घी बहुत लाभदायक हैं, नशा ज्यादा होने पर रोगी को 500 ग्राम तक घी खिलाना चाहिए|

7. भांग के नशे में पागल व्यक्ति को अरहर की कच्ची दाल पीसकर पानी के साथ पिला दें, थोड़ी देर में नशा उतर जाएगा|

8. भांग के पत्ते को पानी के साथ चटनी की तरह पीसकर फिर सूती कपड़े में बांधकर इसका रस कान में निचोड़ लें, फिर इस रस को थोड़ा सा आँच पर गर्म करके कान में टपका दें| इससे कान का दर्द मिट जाएगा और यदि कान में कीड़े पड़ गए हो तो वह भी मर जाते हैं|

9. भांग के पत्तों को जल के साथ पीसकर एक पेस्ट बना लें उसे अपने बालों पर 1 घंटे तक लगा रहने दें. सिर में जितनी भी जुएं और लीखें होगी सब खत्म हो जाएगी|

10. बहुत तेज बुखार होने पर थोड़ी सी भांग पीने से शरीर का तापमान सामान्य होकर बुखार उतर जाता हैं|

11. भांग का महीन चूर्ण कपड़े में छानकर घाव में भर देने से सूजन और दर्द दूर होकर घाव जल्दी भर जाता हैं|

12. भांग को थोड़ी देर पानी में भिगोकर रखें, फिर उस पानी से अंडकोष धोने से अंडकोषों की सूजन मिट जाती हैं| भांग के गीले पत्तों की पोटली बनाकर अंडकोषों की सूजन पर बांधना चाहिए|

13. महिला की योनि पहले जैसी टाईट करने के लिए, भांग के पत्तों को पीसकर छान लें. फिर इसकी एक पोटली बनाकर 3-4 घंटे तक योनि में रख लें. इससे योनि कन्या जैसी हो जाएगी|

14. भांग का नशा होने के बाद आदमी का मीठा खाने को मन करता हैं, लेकिन ऐसे समय पर मीठा खाने से नशा और ज्यादा बढ़ जाता हैं|

15. कभी भी खाली पेट भांग का सेवन नहीं करना चाहिए, और खासकर डायबिटीज के रोगियों, हार्ट पेशेंट्स, गर्भवती महिला, बच्चों और बुजुर्गों को भांग का सेवन नहीं करना चाहिए|


सुनील कुमार

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