आंवले के फायदे और गुण


आंवला प्रक्रति की और से हमें दिया गया एक बहुमूल्य तोहफा है| जों बहुत से गुणों से भरपूर है| आंवले में सबसे अधिक मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है| आंवले के नित्य सेवन करने से हमे अनेको बिमारियों से बहुत ही आसानी से निजात पा सकते है| और आयुर्वेद की दुनिया में आंवला का एक बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है| जिससे बहुत सी बीमारी को दूर करने के लिए उपयोग किया जाता है| इसकी क्षमता का उल्लेख ना जाने कितने ही प्राचीन स्वास्थ संबंधी ग्रंथो एवं आधुनिक औषधीय अनुसन्धानो में किया गया है। इस लाभदायक फल के असंख्य लाभ हैं, इतने की आप गिनते-गिनते थक जाएँगे परंतु इसके लाभ नहीं ख़त्म होंगे। चलिए उन अनेक लाभों में से आंवले के कुछ प्रभावाशाली लाभों को जानें समझें और फिर इस्तेमाल करें।

आंवले के बारे में जरुरी जानकारी

आंवले एक फल देने वाला वृक्ष है। यह करीब २० फीट से २५ फुट तक लंबा झारीय पौधा होता है। यह एशिया के अलावा यूरोप और अफ्रीका में भी पाया जाता है। यह वृक्ष समस्त भारत के जंगलों तथा बाग-बगीचों में होता है| छाल राख के रंग की, पत्ते इमली के पत्तों जैसे, किंतु कुछ बड़े तथा फूल पीले रंग के छोटे-छोटे होते हैं। फूलों के स्थान पर गोल, चमकते हुए, पकने पर लाल रंग के, फल लगते हैं, जो आंवले नाम से ही जाने जाते हैं। वाराणसी का आंवले सब से अच्छा माना जाता है। यह वृक्ष कार्तिक में फलता है।

आंवले को किस किस नाम से जाना जाता है

संस्कृत में इसे अमृता, अमृतफल, आमलकी, पंचरसा इत्यादि कहते है| और अंग्रेजी में ‘एँब्लिक माइरीबालन’ या इण्डियन गूजबेरी तथा लैटिन में ‘फ़िलैंथस एँबेलिका’ कहते हैं।

आंवले के गुण

आंवले में भरपूर मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट पाया जाता हैं, और आंवले में पोटासियम, कार्बोहायड्रेट, फाइबर, प्रोटीन्स, विटामिन्स‘ए’,’बी काम्प्लेक्स, मैग्नीशियम, विटामिन‘सी’, आयरन, आंवला में विटामिन ‘सी’ भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं| जो की नारंगी से २०% ज्यादा विटामिन ‘सी होता हैं और आंवले को गर्म करने पर भी इसकी विटामिन ख़त्म नहीं होते हैं|

आंवले के सेवन से कौन-कौन सी बीमारियों से निजात मिलता है

आंवले दाह, खाँसी, श्वास रोग, कब्ज, पाण्डु, रक्तपित्त, अरुचि, त्रिदोष, दमा, क्षय, छाती के रोग, हृदय रोग, मूत्र विकार आदि अनेक रोगों को नष्ट करने की शक्ति रखता है। वीर्य को पुष्ट करके पौरुष बढ़ाता है, चर्बी घटाकर मोटापा दूर करता है। सिर के केशों को काले, लम्बे व घने रखता है। दाँत-मसूड़ों की खराबी दूर होना, कब्ज, रक्त विकार, चर्म रोग, पाचन शक्ति में खराबी, नेत्र ज्योति बढ़ना, बाल मजबूत होना, सिर दर्द दूर होना, चक्कर, नकसीर, रक्ताल्पता, बल-वीर्य में कमी, बेवक्त बुढ़ापे के लक्षण प्रकट होना, यकृत की कमजोरी व खराबी, स्वप्नदोष, धातु विकार, हृदय विकार, फेफड़ों की खराबी, श्वास रोग, क्षय, दौर्बल्य, पेट कृमि, उदर विकार, मूत्र विकार आदि अनेक व्याधियों के घटाटोप को दूर करने के लिए आंवले काफी उपयोगी है।amla benefits

डायबिटिक के लिए:- आवला में क्रोमियम तत्व पाया जाता हैं जो डायबिटिक के उपयोगि होता हैं. आवला इंसुलिन होरमोंस को को सुदृढ़ करता हैं और खून में सुगर की मात्रा को नियंत्रित करता हैं. क्रोमियम बीटा ब्लॉकर के प्रभाव को कम करता हैं, जो की ह्रदय के लिए अच्छा होता हैं ह्रदय को स्वस्थ बनाता हैं.आवला खराब कोलेस्ट्रोल को ख़त्म कर अच्छे कोलेस्ट्रोल को बनाने में मदद करता हैं. आवला के रस में शहद मिलाकर लेने से डायबिटिक वालो को बहुत फायदा होता हैं|

हड्डियों के लिए उत्तम:- आंवला के सेवन से हड्डियाँ मजबूत और ताकत मिलती हैं. आंवला के सेवन से ओस्ट्रोपोरोसिस और आर्थराइटिस एवं जोरो के दर्द में भी आराम दिलाती हैं|

आँखों से सम्बंधित बीमारी के लिए:- आंवला का रस आँखों के लिए बहुत फायदेमंद हैं. आंवला आँखों की दृष्टी को या ज्योति को बढाता हैं. मोतियाबिंद में,कलर ब्लाइंडनेस, रतोंधी या कम दिखाई पड़ता हो तो भी आंवला का जूस फायदेमंद हैं. आखों के दर्द में भी काफी फायदा होता हैं|

मेटाबोलिक गतिविधि:- आंवले में प्रोटीन भी होते हैं। सेलुलर विकास, मांसपेशियों के विकास, अंग स्वास्थ्य, और अन्य चयापचय गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला के लिए प्रोटीन आवश्यक है।

महावारी में समस्या:- महिलाओं में महावरी की समस्या आम होती जा रही हैं. माहवारी का देर से आना ,ज्यादा रक्तस्त्राव होना,जल्दी जल्दी आना,कम आना , पेट में दर्द का होना,ऐसी कई समस्यां होती रहती हैं.एसं सबके लिए आवला का सेवन फायदेमंद होता हैं.आवला में मिनिरल्स ,विटामिन्स पाया जाता हैं जो महावारी में बहुत आराम दिलाता हैं.अगर आवला का सेवन नियमित किया जाये तो महावारी की समस्याओ से छुटकारा मिलता हैं .महिलाओं में प्रजनन क्षमता को बढ़ाती हैं|

तनाव से छुट्टी:- आमला के सेवन से तनाव में आराम मिलता हैं अच्छी नींद आती हैं.आवला के तेल को बालों के जड़ों में लगाया जाये तो कलर ब्लाइंडनेस से छुटकारा मिलता हैं.सर को ठडा रखता हैं.और राहत देता हैं|

संक्रमण से बचाव:- आंवला में बक्टेरिया और फंगस से लड़ने की क्षमता होती हैं और ये बाहरी बीमारियों से भी हमें बचाती हैं. आंवला शरीर को पुष्ट कर उसे रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढाती हैं, और टोक्सिन को यानी विषाक्त प्रदार्थ को हमारे शरीर से निकलती देती हैं. आंवला अल्सर,अल्सरेटिव,कोलेटीस,पेट में संक्रमण ,जैसे विकार को  खत्म करता हैं. आंवला का रस या पाउडर प्रतिदिन लेने से बहुत फायदा होता हैं|

मेटाबोलिक क्रियाशीलता को बढाता एवं पाचनक्रिया में मदद करता हैं:- आंवला मेटाबोलिक क्रियाशीलता को बढाता हैं. मेटाबोलिज्म क्रियाशीलता से हमारा शरीर स्वस्थ और सुखी होता हैं. आवला भोजन को पचाने में बहुत मददगार साबित होता हैं खाने में अगर प्रतिदिन आवले की चटनी, मुरब्बा ,अचार ,रस, चूर्ण या चवनप्रास कैसे भी रोजमरा की जिन्दगी में शामिल करना चाहिए. इससे कब्ज की शिकायत दूर होती हैं पेट हल्का रहता हैं.रक्त की मात्रा में बढ़ोतरी होती हैं.खट्टे ढकार आना ,गैस का बनाना ,भोजन का न पचना ,इत्यादि में आवला के ५  ग्राम पाउडर को पानी ,इ भिगों कर सुबह शाम ले. अम्लीय पित्त के बुरे प्रभाव से छुटकारा मिलता हैं.

प्रजनन सम्बन्धी समश्याओं में लाभकारी:- आंवला प्रजनन के लिए बहुत ही उत्तम हैं महिलाओ और पुरुषो के लिए आंवला के सेवन से पुरुषो में शुक्राणु की क्रियाशीलता और मात्रा बढती हैं और महिलाओं में अंडाणु अच्छे और स्वस्थ बनते हैं, माहवारी नियमित हो जाती हैं|

दिमाग़ को तेज़ बनाने के लिए:- आंवला एक प्रभावी मस्तिष्क टॉनिक है और स्मृति तेज़ करने में और एकाग्रता को सुधारने में मदद करता है। अपने दिमाग को पोषण देने के लिए इसे कच्चे रूप में खायें।

रोग प्रतिरोध:- आंवले में एंटी ओक्सिडेंट होते हैं जो शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढाता है और ये मौसम में होने वाले बदलाव के कारन होने वाले वाइरल संक्रमण से भी बचाता है|

उन्नत नज़र के लिए:-  आँखें इंसान के लिए ईश्वर की एक अनमोल भेट हैं और जीवन के हर पल को जीने के लिए, उन्हें महसूस करने के लिए और उन्हें सॅंजो कर रखने के लिए स्वस्थ नेत्र की एहम भूमिका होती है। आंवले आँखों की दृष्टि (नज़र) में सुधार लाता है एवं आँखों में जलन और खुजली से राहत प्रदान करता है। आंवले का जूस नेत्रश्लेष्मलाशोथ का भी एक प्रबल उपचार है।

रसायन चूर्ण:- आयुर्वेद में आमला , गिलोय व् गोखरू के संमभाग संयोजन से एक चूर्ण तयार होता है जिसे रसायन चूर्ण कहते है …रसायन चूर्ण 12 माह खाने वाले से बुढ़ापा दूर रहता है

मूत्र विकारो से छुटकारा दिलाता हैं:- मुत्र विकारों में आंवला का चूर्ण फायदा करता हैं. आंवला के छाल और इसकी पत्तीयों को पानी में उबाल कर छान ले और उसका सेवन करे बहुत फायदा होता हैं. किडनी में होने वाले संक्रमण को भी खत्म करता हैं. किडनी में होने वाले पत्थर से भी छुटकारा दिलाता हैं|

उल्टी या वमन के लिए लाभकारी:- आवला का पाउडर और शहद सेवन करें या आवला के रस में मिश्री मिलकर सेवन करने से उल्टियों का आना बंद हो जाता हैं|

मज़बूत दाँतों के लिए:- भोजन को शरीर का ईंधन कहा जाता है परंतु बिना स्वस्थ एवं मज़बूत दाँतों के हम अन्न का भक्षण करने के लिए अयोग्य हैं। तो यदि आप दाँतों को और स्वस्थ और मज़बूत बनाना चाहते हैं तो रोज़ आंवले के कसे हुए प्रदार्थ चबायें।

वजन कम करने में:- आंवला के रस का सेवन करने से वजन कम करने में मदद मिलती हैं. आमला हमारे मेटाबोलिज्म को तेज कर वजन कम करने में मदद करती हैं. आंवला के सेवन से भूख कम लगती हैं और काफी देर तक पेट भरा हुआ रहता हैं|

तंदुरस्त गले के लिए:- आंवले गले को भी तंदुरस्त रखने में सहायता करता है। अदरक के जूस के साथ इसका सेवन करने से गल-शोथ एवं थाइरोइड जैसे विकारो से मुक्ति मिलती है।

कुष्ट रोग:- आवला के रस का सेवन फायदेमंद होता हैं|

नकसीर के लिए:- अगर किसी को नकसीर की तकलीफ हैं तो उन्हें आवला का सेवन करता फायदेमंद होता हैं.ताज़ा रस ३ ,४ चम्मच का सेवन करना चाहिए ,या १ ग्राम चूर्ण  को ५० मिलिग्राम पानी के साथ लेना चाहिए.नाक से खून आने की आदत से आराम मिलता है|

त्वचा के लिए:- चमकती एवं स्वस्थ त्वचा बाह्य सौंदर्य की सबसे महत्वपूर्ण निर्धारक है। यह ना केवल त्वचा को सॉफ करता है अपितु दाग, मुंहासे, क्षतिग्रस्त कोशिकाओं, झुर्रियों को भी दूर करने में सहायता करता है। दैनिक दो चम्मच आंवला रस पिएं या फिर त्वचा पर आंवला का रस लगायें। आंवला विटामिन सी, एंटी ऑक्सीडेंट, एंटी-एजिंग और विरोधी बैक्टीरियल गुण से समृद्ध है और इसलिए रंग में सुधार लाने और युवा त्वचा प्रदान करने में उपयोगी है।

बबासीर में आराम दिलाता हैं:- आवले के रस से बबासीर ठीक हो जाता हैं|

ह्रदय की समस्या से उबारता हैं:- आवला हमारे ह्रदय के मांसपेशियों के लिए उत्तम होता हैं.आमला हमारे ह्रदय को स्वस्थ बनाने में कारगर हैं.आमला ह्रदय की नालिकाओ में होने वाली रुकावट को ख़त्म करता हैं.खराब कलेस्ट्रोल को ख़त्म कर अच्छे कलेस्ट्रोल को बनाने में मदद करता हैं..आवला में एंटी ऑक्सीडेंट तत्व प्रचुर मात्रा में पाया जाता हैं. जो शरीर में फ्री रेडिकल को बनाने ही नहीं देता .एंटी ऑक्सीडेंट के रूप में एमिनो एसिड और पेक्टिन पाए जाते हैं.जो की कलेस्ट्रोल को नहीं बनाने देता हैं और ह्रदय की मांशपेशियों को मजबूती देता हैं.आवला का रस प्रतिदिन सेवन करता लाभप्रद हैं.आवले को किसी भी रूप में आप ले सकते हैं|

उग्रता व उतेजना में शांति दिलाता हैं:- आंवला  के सेवन से हमेशा आने वाले उतेजना से शांति मिलती हैं,अचानक से पसीना आना ,गर्मी लगना ,धातु के रोग, प्रमेय ,प्रदर, बार बार कामुक विचार का आना इत्यादि चीजों से आराम दिलाता हैं|

बांझपन का घरेलू इलाज:- आंवले पुरुष एवं महिलाओं को उपजाऊ बनाने में और अहिलाओं को गर्भ धारण करने में सहायता करता है। यह महिलाओं में ओव्युलेशन प्रक्रिया को बढ़ाता है, पुरुषों में शुक्राणु की गुणवत्ता में सुधार लाता है और स्वस्थ गर्भाधान में मदद करता है। यह गर्भावस्था के सुंदर चरण के दौरान भी बहुत उपयोगी है। 2-3 कसे हुए अमला में श्हद की मिठास मिलायें और इसे खा लें।

कहा जाता है बुजुर्गो की बात और आमला का स्वाद लोगों को देर से समझ में आता है| आमला खाने से सारी शारीरिक समस्याओं से छुटकारा मिल जाता है| ये फायदे पढ़ आप इसके फायदे समझ गए होंगे| अब आज से ही इसे अपनी डाइट में शामिल करें|

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सुनील कुमार

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