जानिए ऊंटनी का दूध पीने के फ़ायदों के बारे मे


ऊँट कैमुलस जीनस के अंतर्गत आने वाला एक खुरधारी जीव है। अरबी ऊँट के एक कूबड़ होता है जबकि बैकट्रियन ऊँट के दो कूबड़ होते है। अरबी ऊँट पश्चिमी एशिया के सूखे रेगिस्तान क्षेत्रों के रहते है जबकि बैकट्रियन ऊँट मध्य और पूर्व एशिया के मूल निवासी हैं। इसे रेगिस्तान का जहाज भी कहा जाता है। यह रेतीले तपते मैदानों में इक्कीस दिन तक बिना पानी पिये चल सकता है। इसका उपयोग सवारी और सामान ढोने के काम आता है।

ऊँट जितने फायदे मंद है तो ऊंटनीया भी कुछ कम नहीं है आज हम आपको ऊंटनी के दूध के फायदों के बारे में बताने जा रहे है वैज्ञानिकों के मुताबिक ऊंटनी का दूध दिमागी रूप से कमजोर बच्चों को फायदा पहुंचाता है। रिसर्चर्स का कहना है कि ऑटिज्म का शिकार बच्चों में 40-50 फीसदी सुधार देखने को मिल रहा है। नेशनल रिसर्च सेंटर ऑन कैमल (NRCC) से पंजाब के बाबा फरीद सेंटर फॉर स्पेशल चिल्ड्रेन में रोज करीब 40 लीटर दूध पंजाब भेजा जा रहा है। यहां रिसर्चर्स ने 41 बच्चों पर कैमल मिल्क का प्रयोग रोज किया। जिसके परिणाम बहुत ही फायदे मंद देखने को मिला है।

ऊंटनी के दूध के गुण

ऊंटनी  का दूध बहुत ही जल्दी पच जाने वाला होता है। इसमें दुग्ध शर्करा, प्रोटीन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट,सुगर, फाइबर ,लैक्टिक अम्ल, आयरन, मैग्निशियम, विटामिन ए , विटामिन  ई , विटामिन बी 2, विटामिन सी , सोडियम, फास्फोरस ,पोटैशियम, जिंक, कॉपर, मैग्नीज जैसे बहुत सारे तत्व पाए जाते हैं जो कि हमारे शरीर को सुंदर और निरोगी बनाते हैं।

सामान्य लोग भी ऊंटनी का दूध का सेवन कर सकते है

इसका नियमित इस्तेमाल करने वाले बच्चों का मस्तिष्क सामान्य बच्चों की तुलना में तेजी से विकसित होता है। इतना ही नहीं उसकी सोचने-समझने की झमता में भी सामान्य लोग बहुत पीछे होते हैं। कुल मिलाकर यह बच्चों को एक ओर कुपोषण से बचाता है तो दूसरी ओर उसमें बौद्धिक क्षमता के विकास में भी सहायक है।

ऊंटनी के एक लीटर दूध में लगभग 52 यूनिट इंसुलिन की मात्रा पायी जाती है। जो कि अन्य पशुओं के दूध में पायी जाने वाली इंसुलिन की मात्रा से बहुत ज्यादा होता है। इंसुलिन शरीर में प्रतिरोधक क्षमता तैयार करने का काम करती है।

ऊंटनी के दूध में अल्फा हाइड्रोक्सिल अम्ल पाया जाता है। जो कि त्वचा को निखारने का काम करता है। इसीलिए इसका इस्तेमाल सौंदर्य संबंधी सामग्री बनाने में किया जाता है। यह कुपोषण से ग्रसित बच्चों के लिए संतुलित आहार का काम करता है। यह उन लोगों में दिनभर काम करने की क्षमता पैदा कर देता है जो थोड़ा काम करने के बाद थक जाते हैं।

ऊंटनी के दूध में कैल्शियम बड़ी मात्रा में पाया जाता है। जिससे इसके सेवन से हड्डियां मजबूत हो जाती हैं। तो वहीं इसमें लेक्टोफेरिन नामक तत्व पाए जाने से कैंसर जैसी घातक बीमारी से भी लड़ने की क्षमता शरीर में तैयार होती है। इतना ही नहीं यह खून से टॉक्सिन्स दूर करता है और लिवर को साफ करता है। पेट से जुड़ी समस्याओं में आराम पाने के लिए भी लोग इसका सेवन करते हैं। यह वायरल संक्रमणों से लड़ने में भी मददगार है।

अन्य देशो में ऊंटनी के दूध पर राय

मिस्र के सेनाई प्रायद्वीप के बद्दू प्राचीन जमाने से यह विश्वास करते हैं कि ऊँटनी का दूध शरीर के अंदर की लगभग हर बीमारी का इलाज है। उनका विश्वास है कि इस दूध में शरीर में मौजूद बैकटीरिया को खत्म करने की क्षमता है। संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संस्थान की एक रिपोर्ट के अनुसार रूस और कजाकिस्तान में आमतौर पर डॉक्टर कई प्रकार के रोगियों के लिए ऊँटनी के दूध की सलाह देते हैं।

हॉलैंड में 26 वर्षीय फ्रैंक स्मिथ पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने नियमित रूप से ऊँटों की व्यावसायिक फार्मिंग का काम शुरू किया। उनके पिता मुर्सिल शिरा संबंधी रोग के माहिर डॉक्टर हैं। उन्होंने स्वास्थ विभाग से जुड़े अपने साथियों को इस शोध में लगाया है जिससे वह ये जान सकें कि उनके बेटे के जरिए तैयार की गई चीजें कितनी लाभदायक हैं।  सिर्फ तीन ही साल में उनके काम ने विभिन्न क्षेत्रों में इतनी रुचि पैदा कर दी कि स्वास्थ विभाग की ओर से उनके लिए बाकायदा फंडिंग शुरू कर दी गई। डॉक्टर स्मिथ का कहना है कि ऊंटनी के दूध में इतने फायदे हैं कि यह यूरोप के स्वास्थवर्धक खाने का हिस्सा बन सकता है। और हम यही करने की कोशिश कर रहे हैं।

इन रोगों में भी ऊंटनी के दूध से मिलता है फायदा

ऊंटनी का दूध मधुमेह, दमा, ऑटिज्म, बच्चों में दूध की एलर्जी, ब्लड प्रेशर सहित विभिन्न रोगों से लड़ने में कारगर साबित हो रहा है। इसके अलावा मलेरिया के लिए भी यह दूध काफी कारगर है। ऊंटनी के दूध में प्रतिरोधक क्षमता बहुत ज्यादा होता है जिसे पीने के बाद लोगों को अनेक रोगों से लड़ने की क्षमता मिलती है।


सुनील कुमार

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