अंजीर खाने के फायदे और इसके गुण चीज एक फायदे अनेक


अंजीर क्या है

अलग – अलग भाषा में हर वस्तु का नाम अलग – अलग होता है, ठीक वैसे ही अंजीर के लिए भी भिन्न – भिन्न भाषा में भिन्न – भिन्न नाम है, संस्कृत में अंजीर को फल्गु नाम से जाना जाता है, तो वंही अंजीर को हिंदी में, मराठी में, गुजराती, बंगला में, और मराठी भाषा में भी अंजीर के नाम से ही जाना जाता है, पंजाबी में अंजीर के लिए किमरी फगवारा नाम प्रयोग किया जाता है, तेलगु एवं मलयालम में अंजीर के लिए शिमि अट्ठी जैसे एक ही शब्द का प्रयोग दोना भाषओं में किया जाता है, फारसी में अंजीर के लिए अंजीर ही शब्द प्रचलित है, अंग्रेजी में अंजीर के लिए इंग्लिश शब्द फिग का प्रयोग किया जाता है. अंजीर का लेटिन नाम – फाइकस कैरिका है|

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अंजीर के फल दो प्रकार के होते है, एक बोया हुआ अंजीर होता है जिसके फल और पत्ते बड़े – बड़े होते है| तथा दुसरे प्रकार के अंजीर वो होते है जो जंगली होते है, तथा जो पहले वाले अंजीर की तुलना में छोटे होते है, इसके फल और पत्ते पहले वाले अंजीर के मुकाबले में से काफी छोटे होते है, अंजीर के पेडो को लगाने के लिए चुने वाली भूमि अत्यधिक उपजाऊ होती है| इस भूमि पर अंजीर की पैदावार बहुत अच्छी मात्रा में होती है. अंजीर के पेड़ काफी बड़े – बड़े होते है, अंजीर का स्वाद खाने में बहुत ही मीठा और स्वादिष्ट होता है, यह स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत ही उपयोगी होता है, अंजीर के कच्चे फल का रंग हरा होता है एवं पके हुए का रंग पीला या बैंगनी होता है, अंजीर के फल के अंदर का रंग बहुत ही लाल होता है|

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अंजीर विश्व के सबसे पुराने फलों मे से एक है। यह फल रसीला और गूदेदार होता है। इसका रंग हल्का पीला, गहरा सुनहरा या गहरा बैंगनी हो सकता है। अंजीर अपने सौंदर्य एवं स्वाद के लिए प्रसिद्ध अंजीर एक स्वादिष्ट, स्वास्थ्यवर्धक और बहु उपयोगी फल है। यह विश्व के ऐसे पुराने फलों में से एक है, जिसकी जानकारी प्राचीन समय में भी मिस्त्र के फैरोह लोगों को थी।

अंजीर खाने के फायदेbenefits of anjeer

अंजीर एक अत्यंत स्वादिष्ट ही नहीं अपितु स्वास्थ्यवर्धक फल भी है। अंजीर के स्वास्थ्य लाभ उसमें निहित खनिज, विटामिन और फाइबर की देन हैं। अंजीर विटामिन ए, विटामिन बी 1, विटामिन बी 2, कैल्शियम, आयरन, फास्फोरस, मैंगनीज, सोडियम, पोटेशियम और क्लोरीन जैसे अनेक लाभकारी पोषक तत्वों से धनी है।

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कब्ज:- 3 से 4 पके अंजीर दूध में उबालकर रात्रि में सोने से पूर्व खाएं और ऊपर से उसी दूध का सेवन करें, इससे कब्ज और बवासीर में लाभ मिलता है|

1. माजून अंजीर 10 ग्राम को सोने से पहले लेने से कब्ज़ में लाभ होता है|

2. 2 अंजीर को रात को पानी में भिगोकर सुबह चबाकर खाकर ऊपर से पानी पीने पेट साफ हो जाता है|

दांतों का दर्द:- अंजीर का दूध रुई में भिगोकर दुखते दांत पर रखकर दबाएं|

1. अंजीर के पौधे से दूध निकालकर उस दूध में रुई भिगोकर सड़ने वाले दांतों के नीचे रखने से दांतों के कीड़े नष्ट होते हैं तथा दांतों का दर्द मिट जाता है

दमा:- दमा जिसमें कफ (बलगम) निकलता हो उसमें अंजीर खाना लाभकारी है, इससे कफ बाहर आ जाता है तथा रोगी को शीघ्र ही आराम भी मिलता है|

1. प्रतिदिन थोड़े-थोड़े अंजीर खाने से पुरानी कब्जियत में मल साफ और नियमित आता है|

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2. 2 से 4 सूखे अंजीर सुबह-शाम दूध में गर्म करके खाने से कफ की मात्रा घटती है, शरीर में नई शक्ति आती है और दमा (अस्थमा) रोग मिटता है|

गला सुखने पर:- बार-बार प्यास लगने पर अंजीर का सेवन करें|

मुंह के छाले:- अंजीर का रस मुंह के छालों पर लगाने से आराम मिलता है|

प्रदर रोग:- अंजीर का रस 2 चम्मच शहद के साथ प्रतिदिन सेवन करने से दोनों प्रकार के प्रदर रोग नष्ट हो जाते हैं|

पेशाब का अधिक आना:- 3-4 अंजीर खाकर, 10 ग्राम काले तिल चबाने से यह कष्ट दूर होता है|

त्वचा के विभिन्न रोग:- कच्चे अंजीर का दूध समस्त त्वचा सम्बंधी रोगों में लगाना लाभदायक होता है|

1. अंजीर का दूध लगाने से दिनाय (खुजली युक्त फुंसी) और दाद मिट जाते हैं|

2. बादाम और छुहारे के साथ अंजीर को खाने से दाद, दिनाय (खुजली युक्त फुंसी) और चमड़ी के सारे रोग ठीक हो जाते है|

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अस्थमा:- अंजीर के 4 दाने रात को सोते समय पानी में डालकर रख दें, सुबह उन दानों को थोड़ा सा मसलकर जल पीने से अस्थमा में बहुत लाभ मिलता है|

दुर्बलता (कमजोरी):- पके अंजीर को बराबर की मात्रा में सौंफ के साथ चबा-चबाकर सेवन करें, इसका सेवन 40 दिनों तक नियमित करने से शारीरिक दुर्बलता दूर हो जाती है|

1. अंजीर को दूध में उबालकर-उबाला हुआ अंजीर खाकर वही दूध पीने से शक्ति में वृद्धि होती है तथा खून भी बढ़ता है|

रक्तवृद्धि और शुद्धि हेतु:- 10 मुनक्के और 5 अंजीर 200 मिलीलीटर दूध में उबालकर खा लें, फिर ऊपर से उसी दूध का सेवन करें इससे रक्तविकार दूर हो जाता है|

पेचिश और दस्त:- अंजीर का काढ़ा दिन में 3 बार पिलाने से लाभ मिलता है|

ताकत को बढ़ाने वाला:- सूखे अंजीर के टुकड़े और छिली हुई बादाम गर्म पानी में उबालें, इसे सुखाकर इसमें दानेदार शक्कर, पिसी इलायची, केसर, चिरौंजी, पिस्ता और बादाम बराबर मात्रा में मिलाकर 8 दिन तक गाय के घी में पड़ा रहने दें| बाद में रोजाना सुबह 20 ग्राम तक सेवन करें छोटे बालकों की शक्तिक्षीण के लिए यह औषधि बड़ी हितकारी है|

जीभ की सूजन:- सूखे अंजीर का काढ़ा बनाकर उसका लेप करने से गले और जीभ की सूजन पर लाभ होता है|

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दस्त साफ लाने के लिए:- दो सूखे अंजीर सोने से पहले खाकर ऊपर से पानी पीना चाहिए. इससे सुबह दस्त साफ होता है|

पुल्टिश:- ताजे अंजीर कूटकर, फोड़े आदि पर बांधने से शीघ्र आराम होता है|

क्षय यानी टी.बी के रोग:- इस रोग में अंजीर खाना चाहिए, अंजीर से शरीर में खून बढ़ता है, खाने के लिए 2 से 4 अंजीर का प्रयोग कर सकते हैं|

वजन:- अंजीर वजन को घटाने में भी अत्यंत सहायक होते हैं, इस वजह से इसको मोटे लोगों को खाने की सलाह भी दी जाती है। परंतु इसके अधिकतम सेवन से सावधान रहें क्योंकि इससे आपका वजन बढ़ भी सकता है, ख़ासकर यदि आप इसे दूध के साथ लें।

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फोड़े-फुंसी:- अंजीर की पुल्टिस बनाकर फोड़ों पर बांधने से यह फोड़ों को पकाती है|

गिल्टी:- अंजीर को चटनी की तरह पीसकर गर्म करके पुल्टिस बनाएं. 2-2 घंटे के अन्तराल से इस प्रकार नई पुल्टिश बनाकर बांधने से `बद´ की वेदना भी शांत होती है एवं गिल्टी जल्दी पक जाती है|

सफेद दाग:- अंजीर के पेड़ की छाल को पानी के साथ पीस लें, फिर उसमें 4 गुना घी डालकर गर्म करें इसे हरताल की भस्म के साथ सेवन करने से श्वेत कुष्ठ मिटता है|

1. अंजीर के कच्चे फलों से दूध निकालकर सफेद दागों पर लगातार 4 महीने तक लगाने से यह दाग मिट जाते हैं|

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2. अंजीर के पत्तों का रस सफेद दाग पर सुबह और शाम को लगाने से लाभ होता है|

3. अंजीर को घिसकर नींबू के रस में मिलाकर सफेद दाग पर लगाने से लाभ होता है|

गले के भीतर की सूजन:- सूखे अंजीर को पानी में उबालकर लेप करने से गले के भीतर की सूजन मिटती है|

श्वासरोग:- अंजीर और गोरख इमली (जंगल जलेबी) 5-5 ग्राम एकत्रकर प्रतिदिन सुबह को सेवन करने से हृदयावरोध (दिल की धड़कन का अवरोध) तथा श्वासरोग का कष्ट दूर होता है|

शरीर की गर्मी:- पका हुआ अंजीर लेकर, छीलकर उसके आमने-सामने दो चीरे लगाएं. इन चीरों में शक्कर भरकर रात को ओस में रख दें, इस प्रकार के अंजीर को 15 दिनों तक रोज सुबह खाने से शरीर की गर्मी निकल जाती है और रक्तवृद्धि होती है|

कैंसर:- यह हॉर्मोन्स को संचालित कर महिलाओं में रजनोवृत्ति (menopause) के बाद होने वाले स्तन कैंसर की संभावना को बहुत हद तक कम कर देता है|

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जुकाम:- पानी में 5 अंजीर को डालकर उबाल लें और इसे छानकर इस पानी को गर्म-गर्म सुबह और शाम को पीने से जुकाम में लाभ होता है|

फेफड़ों के रोग:- फेफड़ों के रोगों में पांच अंजीर एक गिलास पानी में उबालकर छानकर सुबह-शाम पीना चाहिए|

मसूढ़ों से खून का आना:- अंजीर को पानी में उबालकर इस पानी से रोजाना दो बार कुल्ला करें. इससे मसूढ़ों से आने वाला खून बंद हो जाता है तथा मुंह से दुर्गन्ध आना बंद हो जाती है|

खांसी:- अंजीर का सेवन करने से सूखी खांसी दूर हो जाती है| अंजीर पुरानी खांसी वाले रोगी को लाभ पहुंचाता है क्योंकि यह बलगम को पतला करके बाहर निकालता रहता है|

1. 2 अंजीर के फलों को पुदीने के साथ खाने से सीने पर जमा हुआ कफ धीरे-धीरे निकल जाता है|

2. पके अंजीर का काढ़ा पीने से खांसी दूर हो जाती है|

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बवासीर (अर्श):- सूखे अंजीर के 3-4 दाने को शाम के समय जल में डालकर रख दें, सुबह उन अंजीरों को मसलकर प्रतिदिन सुबह खाली पेट खाने से अर्श (बवासीर) रोग दूर होता है|

1. अंजीर को गुलकन्द के साथ रोज सुबह खाली पेट खाने से शौच के समय पैखाना (मल) आसानी से होता है|

कमर दर्द:- अंजीर की छाल, सोंठ, धनियां सब बराबर लें और कूटकर रात को पानी में भिगो दें, सुबह इसके बचे रस को छानकर पिला दें, इससे कमर दर्द में लाभ होता है|

पेचिश:- पेचिश तथा आवंयुक्त दस्तों में अंजीर का काढ़ा बनाकर पीने से रोगी को लाभ होता है|

अग्निमान्द्य (अपच) होने पर:- अंजीर को सिरके में भिगोकर खाने से भूख न लगना और अफारा दूर हो जाता है|

प्रसव के समय की पीड़ा:- प्रसव के समय में 15-20 दिन तक रोज दो अंजीर दूध के साथ खाने से लाभ होता है|

बच्चों का यकृत (जिगर) बढ़ना:- 4-5 अंजीर, गन्ने के रस के सिरके में गलने के लिए डाल दें, 4-5 दिन बाद उनको निकालकर 1 अंजीर सुबह-शाम बच्चे को देने से यकृत रोग की बीमारी से आराम मिलता है|

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सिर का फोड़ा:- फोड़ों और उसकी गांठों पर सूखे अंजीर या हरे अंजीर को पीसकर पानी में औटाकर गुनगुना करके लगाने से फोड़ों की सूजन और फोड़े ठीक हो जाते हैं|

दाद:- अंजीर का दूध लगाने से दाद ठीक हो जाता है|

हड्डियों के लिए:- अंजीर कैल्शियम से प्रचुर होता है जो हड्डियों को मज़बूत बनाने के लिए प्रमुख तत्व है। इसका सेवन करने से ऑस्टियोपोरोसिस जैसे हड्डियों के विकारों से भी संरक्षण मिलता है। चूँकि यह फॉस्फोरस का भी एक समृद्ध स्रोत है, इसलिए यह हड्डियों के विकास को बढ़ावा देता है और उनके पतन को भी रोकता है।

सिर का दर्द:- सिरके या पानी में अंजीर के पेड़ की छाल की भस्म मिलाकर सिर पर लेप करने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है|

सर्दी (जाड़ा) अधिक लगना:- लगभग 1 ग्राम का चौथा भाग की मात्रा में अंजीर को खिलाने से सर्दी या शीत के कारण होने वाले हृदय और दिमाग के रोगों में बहुत ज्यादा फायदा मिलता है|

खून और वीर्यवद्धक:- सूखे अंजीर के टुकड़ों एवं बादाम के गर्भ को गर्म पानी में भिगोकर रख दें फिर ऊपर से छिलके निकालकर सुखा दें. उसमें मिश्री, इलायची के दानों की बुकनी, केसर, चिरौंजी, पिस्ते और बलदाने कूटकर डालें और गाय के घी में 8 दिन तक भिगोकर रखें. यह मिश्रण प्रतिदिन लगभग 20 ग्राम की मात्रा में खाने से कमजोर शक्ति वालों के खून और वीर्य में वृद्धि होती है|

1. एक सूखा अंजीर और 5-10 बादाम को दूध में डालकर उबालें. इसमें थोड़ी चीनी डालकर प्रतिदिन सुबह पीने से खून साफ होता है, गर्मी शांत होती है, पेट साफ होता है, कब्ज मिटती है और शरीर बलवान बनता है|

2. अंजीर को अधिक मात्रा में सेवन करने से शरीर शक्तिशाली होता है, और मनुष्य के संभोग करने की क्षमता भी बढ़ती है|

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आँखो के लिए:- आँखो का चकत्तेदार अध: पतन (Macular Degeneration) उम्र के साथ बहुत ही आम बात है और यह आँखों की दृष्टि में कमी आने की एक वजह होती है। अंजीर खाने से यह प्रतिक्रिया बहुत ही धीमी हो जाती है।

अंजीर खाने के नुकसान

अंजीर में कई पोषक तत्व होते हैं जो त्वचा, बालों और समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं। किंतु अंजीर के अधिक सेवन से कई प्रकार के दुष्प्रभाव हो सकते हैं इसलिए आपको इसके दुष्प्रभावो से बचने के लिए इसका उचित मात्रा में सेवन करना चाहिए.

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अंजीर के अधिकतम सेवन करने से हो सकता है।

सूखे हुए अंजीरों में शुगर उच्च मात्रा में पाई जाती है जिसके सेवन से आपके दांत सड़ सकते हैं।

सम्भवतः आपको अंजीर से एलर्जी हो सकती है, तो इसे पहली बार कम मात्रा में ही खाएं।

एक ही सप्ताह में बहुत सारे अंजीर खाने की वजह से आपके पाचन प्रणाली में ब्लीडिंग हो सकती है।

अंजीर का अधिक सेवन पेट पर भारी हो सकता है जिससे पेट दर्द हो सकता है।

हम उम्मीद करते है, कि आप सभी ने हमारे लिखी हुई पोस्ट पूरे ध्यान से और पूरी पढ़ी होगी, अगर नहीं पढ़ी हो तो एक बार पहले पोस्ट पढ़ें, और अगर फिर आपको कहीं लगे कि यह बात ऐसे नहीं ऐसे होनी चाहिए थी, या अंजीर से किसी और रोग का भी इलाज हो सकता है जो हमने अपनी पोस्ट में नहीं लिखी है तो कृपया कमेंट के माध्यम से हमें बताएं धन्यवाद।


सुनील कुमार

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