Limestone: चूना खाने के इतने फायदे है जानकर हैरान रह जाएंगे आप


महर्षि वाग्भट द्वारा लिखे गए एक शास्त्र के अनुसार चूना पत्थर अष्टांग हृदयम मानव शरीर में 70 रोगों का इलाज कर सकते हैं। बच्चों को अच्छी लम्बाई देने और पुरुषों में नपुंसकता जैसी गंभीर बीमारियों को ठीक करने में चूना बहुत ही लाभदायक है। चलो चूना पत्थर के प्रमुख घटकों पर एक नज़र डालें।

चूना पत्थर कैल्शियम कार्बोनेट और कैल्शियम मैग्नीशियम कार्बोनेट का मिश्रण है। कैल्शियम प्रमुख घटक है और हमारी हड्डियां कैल्शियम से ही बनी होती हैं। तो चूना पत्थर खाने से कैल्शियम को प्रत्यक्ष सेवन माना जाता है। हाँ!! हम उसी चूना पत्थर (चुना) के बारे में बात कर रहे हैं जिसका उपयोग पान की दुकानों में किया जाता है। आप ‘पान की दुकानों ‘ से चूना पत्थर (चुना) का एक पैक ला सकते हैं और इसे अपने घर में रख कर इस्तेमाल कर सकते हैं।

श्री राजीव दीक्षित जी ने भी अपने एक सीवर में चूने के गुणों और उसके सेवन के लाभ के बारे मे वर्णन किया है, जो आज हम आपको बताने जा रहें है, चूना जो अक्सर पान के साथ मिलाकर खाया जाता है। यह चूना हमारी सेहत के लिए बेहद फायेदमंद होता है और कई बीमारियों को ठीक करने में हमारी सहायता करता है। हम आपको पान खाने की सलाह नहीं दे रहें अपितु हम आपको चूने के स्वास्थवर्धक फायदे और इसका इस्तेमाल कैसे करना है आदि के बारे में जानकारी दे रहे हैं। बहुत ही कम लोगों को पान में मिलाए जाने वाले चूने के फायदों के बारे में पता होता है,  हम आपको चूने के फायदों के बारे में बताने जा रहें है जिसके सेवन से आप अपनी सेहत को और बेहतर कर सकते है।

चुना खाने के लाभ

चूना खाने का तरीका:- चूने का उपयोग कभी भी गेहूं के दाने के आकार से ज़्यादा नहीं करना चाहिए। इसके स्वास्थ्य लाभों को उठाने के लिए और रोगों के इलाज के लिए आप किसी भी भोजन या पेय में मिलाकर सुबह खाली पेट ले सकते हैं। इसे दही, पानी, पान (सौंफ, इलाइची और गुलकंद के साथ), दाल, संतरे, अनार या गन्ने के रस आदि के साथ मिलाकर इसका सेवन ले सकते हैं।

कान का बहना:- चूने के निथरे हुए पानी में दूध मिलाकर कान में पिचकारी देने से कान का बहना तत्काल रुक जाता है।

चूना के मानसिकता के लिए:- चूना पढ़ने वाले बच्चों के लिए उपयोगी होता है। पढ़ने वाले बच्चे दही, दाल या पानी के साथ चूने के पाउडर का उपभोग कर सकते हैं। अनार के रस के साथ चूने के पाउडर का उपभोग छात्रों के लिए बहुत फायदेमंद है। यह न केवल बुद्धि में सुधार करता है बल्कि अध्ययन में कड़ी मेहनत करने की ताकत भी देता है। यह रक्त की कमी को भी पूरा करता है। जो लोग मानसिक रूप से कमजोर हैं, वे मानसिक कमजोरी को दूर करने के लिए किसी भी खाने के साथ चूने के पाउडर का उपभोग कर सकते हैं।

चूना नपुंसकता की सबसे अच्छी दवा है:- चूना पाउडर का उपयोग पुरुष नपुंसकता से छुटकारा पाने के लिए किया जा सकता है। शुक्राणु की कमी से पीड़ित पुरुष गन्ना के रस के साथ चूने के पाउडर का सेवन कर सकते हैं। शुक्राणु की कमी को दूर करने के लिए उन्हें दैनिक रूप से इसका सेवन करना चाहिए। दैनिक रूप से इसका सेवन करने से एक से दो साल के भीतर शुक्राणु में वृद्धि होने लगेगी। जो महिलाएं अंडे की कमी से पीड़ित हैं वे भी अंडे की कमी को दूर करने के लिए गन्ना के रस के साथ चूने के पाउडर का उपयोग कर सकती हैं।

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गर्भावस्था के लिए:- जब कोई माँ गर्भावस्था में है, तो उसे चूना रोज खाना चाहिए क्योंकि गर्भवती माँ को सबसे ज्यादा केल्शियम की जरुरत पडती है और चूना केल्शियम का सबसे बड़ा भंडार है, गर्भवती माँ को चूना खिलाना चाहिए अनार के रस में – अनार का रस एक कप और चूना गेहूँ के दाने के बराबर ये मिलाके रोज पिलाइए नौ महीने तक लगातार दीजिये इसके कई फायदे होते है|
1. पहला फायदा होगा के माँ को बच्चे के जन्म के समय कोई तकलीफ नही होगी और नॉर्मल डीलिवरी होगी|
2. दूसरा जो बच्चा पैदा होगा वो बहुत हृष्ट पुष्ट और तंदुरुस्त होगा|
3. तीसरा फ़ायदा वो बच्चा जिन्दगी में जल्दी बीमार नही पड़ता जिसकी माँ ने गर्भावस्था में चूना खाया होता है|
4. चौथा सबसे बड़ा लाभ है वो बच्चा बहुत होशियार होता है बहुत इंटेलीजेंट और ब्रिलियंट होता है उसका दिमाग बहुत तेज होता है|

क्षय रोग के लिए:- थोड़े से दूध में चूने का पानी मिलाकर सुबह-शाम कुछ दिनों तक पिएं। क्षय रोग और यक्ष्मा रोग (Tuberculosis) में काफी लाभ मिलता है।

मासिक धर्म के लिए:- जिन बहनों को अपने मासिक धर्म के समय अगर कुछ भी तकलीफ होती हो तो उसकी सबसे अच्छी दवा है चूना। मेनोपौज़ की सभी समस्याओं के लिए गेहूँ के दाने के बराबर चूना हर दिन खाना दाल में, लस्सी में, नही तो पानी में घोल के पीना चाहिए, इससे ओस्टीओपोरोसिस होने की संभावना भी नहीं रहती|

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हड्डियों की समस्या के लिए:- कटिस्नायुशूल और ग्रीवा दोनों हड्डी तथा मेरुदण्ड से संबंधित विकार हैं। पुरुष और महिला दोनों को इस रोग की समस्या होती है। इस रोग के इलाज के लिए रोगी को गन्ना के रस, दाल, दही और अन्य खाने योग्य व्यंजनों के साथ चूना पाउडर का उपयोग करना चाहिए। रीढ़ की हड्डी से संबंधित सभी समस्याओं को चूने के पाउडर से ठीक किया जा सकता है। साथ-साथ पीठ दर्द, जमे हुए कंधे, पैर दर्द आदि को भी चूने के पाउडर से ठीक किया जा सकता है। इसके लिए दाल, फल या फलों के रस के साथ चूने के पाउडर का सेवन करें। हड्डियों की कमजोरी और दर्द से ग्रस्त व्यक्ति गन्ना, संतरा या अनार का रस के साथ चूना पाउडर ले सकते हैं। चुने में कैल्शियम पाया जाता है जो हड्डियों को मजबूत बनाने और दर्द से राहत देने में मदद करता है। हड्डियों के टूटने के दौरान शरीर को अधिक कैल्शियम की आवश्यकता होती है। चुना पाउडर कैल्शियम का बड़ा और सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है। हड्डियों के टूटने के दौरान व्यक्ति को चुना पाउडर का सेवन करना चाहिए। इसके सेवन से टूटी हुई हड्डि की जल्दी से ठीक होने में मदद मिलती है।

उदर रोग के लिए:- ढाई तोला चूने को 6 तोला मिश्री के साथ खरल करके आधा किलो पानी में मिलाकर कागदार शीशी में भरकर काग बंद कर दें। जब पानी निथर जाए तो 15-20 बूंद उस पानी में थोड़ा दूध मिलाकर बच्चे को पिलाने से उदर रोग नष्ट हो जाते हैं।

दांतों के रोग के लिए:- चुना सभी प्रकार के रोगों से दांतों को बचाता है और दांतों को मजबूत बनाता है। यदि कोई व्यक्ति दांत दर्द से पीड़ित है तो वह किसी भी भोजन या पेय में चूने के पाउडर को मिलाकर सेवन कर सकता है। रोगी पान के पत्ते या पानी के साथ भी चूने का उपभोग कर सकते हैं।

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घुटने में घिसाव के लिए:- अगर घुटने में घिसाव आ गया हो और डॉक्टर कहे के घुटना बदल दो तो भी जरुरत नही चूना खाते रहिये और हरसिंगार (पारिजातक या प्राजक्ता) के पत्ते का काढ़ा पीजिये, आपके घुटने बहुत अच्छे काम करते रहेंगे।

एनीमिया के लिए:- चुना एनीमिया के इलाज में भी मदद करता है। एनीमिया से पीड़ित व्यक्ति को सुबह खाली पेट अनार के रस के साथ चुने के पाउडर का सेवन करना चाहिए। यदि अनार का रस उपलब्ध नहीं है तो आप किसी भी रस या पानी के साथ भी चुना पाउडर का सेवन कर सकते हैं।

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पीलिया के लिए:- पीलिया एक लिवर की बीमारी है। जिसमें त्वचा, आँखें और नाखून पीले हो जाते हैं। चूनों का उपयोग करके आप इस रोग से छुटकारा पा सकते हैं। पीलिया के इलाज के लिए एक गिलास गन्ने के रस में चूना पाउडर मिलाकर पीने से बहुत जल्दी रोगी ठीक हो जाता है। यह रोगी को नियमित रूप से दिया जाना चाहिए।

बेनिफिट्स फॉर बाइलस के लिए:- फोड़े की समस्या से निजात पाने के लिए हल्दी पाउडर में 1 चम्मच चुना मिलाकर उसे गर्म कर ले। अब हल्का ठंडा होने के बाद इसे फोड़े पर लगा कर ऊपर से एक पान का पत्ता रख कर बांध लें। आपको फोड़े की समस्या से जल्दी छुटकारा मिल जायगा।

गहरा घाव के लिए:- अगर चाकू आदि से गहरा घाव पड़ गया हो तो चूने को मक्खन और सोंठ के साथ मिलाकर घाव में भरने से खून का बहना बंद हो जाता है और घाव ठीक हो जाता है।

उलटी के लिए:- यदि किसी भी औषधि से उलटी नहीं रुकती हो तो दूध में चूने का निथरा हुआ पानी मिलाकर पिलाने से उलटी तुरन्त रुक जाती है।

बिच्छू के विष के लिए:- नीम के पत्तों के रस में 1 रत्ती चूना मिलाकर उसकी 1-2 बूंदें कान में डालने और बिच्छू के डंक पर बार-बार लगाने से बिच्छू का विष जल्द ही उतर जाता है।

सिर दर्द के लिए:- चूने और नौसादर को मिलाकर सुंघने से कफ, वात, सिर दर्द और हर तरह की बेहोशी दूर हो जाती है।

पसली दर्द के लिए:- चूने और शहद को कपड़े पर लगाकर पसली के दर्द वाले स्थान पर रखकर पट्टी बांधने से पसली का दर्द मिट जाता है।

मूत्र समस्या के लिए:- चूने के निथरे हुए पानी में तिल का तेल और शक्कर मिलाकर पिलाने से मूत्र के समय होने वाला कष्ट दूर हो जाता है।

शरीर के मस्सो के लिए:- चूना, सज्जी, तूतिया और सुहागे को पानी में पीसकर शरीर के मस्से पर लगाएं। मस्से कुछ ही दिनों में दूर हो जाएंगे।

आग से जले के लिए:- जरा से चूने में अलसी का तेल मिलाकर आग से जले हुए स्थान पर लगाएं। जलन और पीड़ा दूर हो जाएगी।

पान खाने के फायदे:- भारत के जो लोग चूने से पान खाते है, वह बहुत होशियार होते है और वे महर्षि वाग्भट के अनुयायी है, पर पान बिना तम्बाखू , सुपारी और कत्थे के ले तम्बाखू ज़हर है और चूना अमृत है, कत्था केन्सर करता है, पान में सौंठ, इलायची, लौंग, केसर, सौंफ, गुलकंद, चूना, कसा हुआ नारियल आदि डाल के खाए|

जरुरी बातें:  गेहूं के अनाज के आकार से अधिक चुना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।
पथरी से पीड़ित व्यक्ति को चूने का सेवन नहीं करना चाहिए यह उनके लिए हानिकारक होता है|

ज्यदा जानकारी के लिए यह विडियो देखें:


सुनील कुमार

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