जानिए ओम (ॐ) शब्द के उच्चारण के शारीरिक लाभ


प्राचीन भारत से लेकर अब तक ओम ॐ शब्द का बहुत महत्व है। ॐ सानतन संस्कृति का मूल आधार ही है , यह एक शब्द नहीं स्वंय परमात्मा ही है। ओम ॐ शब्द का उच्चारण के साथ ही शरीर पर सकारात्मक प्रभाव छोड़ती है| शास्त्रों में ओम ॐ शब्द कि ध्वनि के 100 से भी अधिक अर्थ दिए गए हैं। हिन्दू धर्म में किसी भी पूजन व मंत्रोच्चार की शुरूआत ॐ के उच्चारण के साथ होती है। इसके अलावा वैज्ञानिक भी ओम के उच्चारण से निकलने वाली ध्वनि तरंगों पर शोध कर चुके हैं, और आगे भी कर रहे हैं। और जो लोग आर्ट ऑफ लिविंग को फॉलो करते हैं वो भी इस शब्द से अछूते नहीं है। कहते हैं बिना ओम ॐ सृष्टि की कल्पना भी नहीं हो सकती है। माना जाता है कि सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड से सदा ॐ शब्द की ध्वनी निकलती है। ॐ के उच्चारण के बाद मन और दिमाग शांत होने की प्रक्रिया के बारे में हम सभी जानते हैं। लेकिन ॐ शब्द के उच्चारण से आपकी कई बीमारियां भी ठीक हो सकती है।  आज हम आपको ॐ शब्द के शारीरिक लाभ बतायेंगे जो आपके लिए बहुत महत्वपुर्ण हैं।

ओ३म् ॐ शब्द का अर्थ

इलाज से पहले दवा के बारे में जानना जरूरी है। दरअसल ॐ शब्द, अ, उ और म अक्षर से मि‍लकर बना है। जिनमें “अ” का अर्थ है उत्पन्न होना, “उ” का तात्पर्य है  उठना तथा उड़ना अर्थात् विकास एवं “म” का मतलब है मौन हो जाना अर्थात् “ब्रह्मलीन” हो जाना। इसका असर भी मानसिक स्तर पर आप महसूस कर सकतें हैं।

यह ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक भी है और यह भू: लोक,और स्वर्ग लोग का प्रतीक भी माना जाता है। लेकिन इन सबके अलावा ओम (ॐ) शब्द से इंसान से शारीरिक लाभ भी होते हैं…आईये जानते हैं इन मायावी शब्द के फायदे

ॐ शब्द और थायरॉयड

ॐ शब्द का उच्चारण करने से गले में कंपन पैदा होती है जो कि थायरायड ग्रंथि पर सकारात्मक प्रभाव डालती है।

ॐ शब्द और घबराहट

अगर आपको घबराहट महसूस होती है तो आप आंखें बंद करके 5 बार गहरी सांसे लेते हुए ॐ शब्द का उच्चारण करें। ओम का उच्चारण आपके मन और आत्मा को बिल्कुल शांत कर देता है, जिससे घबराहट अपने आप ही चली जाती है।

ॐ शब्द और तनाव

मानसिक रोगों के लिए तो ओम शब्द का उच्चारण करना कमाल का असर करता है। कुछ समय तक लगातार ओम शब्द का उच्चारण करने पर आप पाएंगे कि आपका तनाव बिलकुल ख़त्म हो चुका है।

ॐ शब्द और खून का प्रवाह

ओम शब्द का उच्चारण करना आपके रक्त संचार को सही करता है एवं संतुलन बनाए रखता है। इस तरह से आपको उच्च व निम्न रक्तचाप संबंधी समस्याएं नहीं होती। ॐ का उच्चारण हार्ट को चुस्त-दुरूस्त रखता है और खून का प्रवाह अच्छा करता है।

ॐ शब्द  और पाचन

ॐ शब्द के उच्चारण से पाचन शक्ति बढ़िया होती है। ओम की शक्ति केवल मानसिक रोगों को ठीक करने तक ही सीमित नहीं है। यह आंतरिक परेशानियों खास तौर से पाचन क्रिया पर सकारात्मक असर डालता है, और पाचन तंत्र को सुचारु बनाए रखता है।

ॐ शब्द और स्फूर्ति

ॐ शब्द शरीर में युवावस्था वाली स्फूर्ति का संचार करता है। जी हां आलस्य को दूर कर ओम का उच्चारण मानसिक और शारीरिक दोनों तरह से आपको ताजगी देता है और स्फूर्ति का संचार करता है। इस तरह से आप चुस्त-दुरुस्त भी रह सकते हैं।

ॐ शब्द और थकान

थकान को मिटाने के लिए इससे अच्छा उपाय कोई नहीं। अगर आप किसी भी प्रकार के काम से थकान महसूस कर रहे हैं, तो आपके लिए ओम शब्द का उच्चारण दवा का काम करेगा। बस कुछ देर आंखें बंद करके ओम शब्द का उच्चारण करें और आप महसूस करेंगे थकान से आजादी।

ॐ शब्द और नींद

अगर आपको नींद नहीं आने की समस्या से परेशान हैं तो ओम का उच्चारण शुरू कीजिए इससे कुछ समय में ही दूर हो जाती है। इसलिए बेड पर जाते ही इंसान को ॐ का उच्चारण करना चाहिए।

ॐ शब्द और फेफड़े

ॐ के उच्चारण से फेफड़े दुरूस्त होते हैं। प्रतिदिन ओम का उच्चारण करना उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है, जो सांस संबंधी तकलीफों से परेशान होते हैं। इससे आपके फेफड़े स्वस्थ व मजबूत होंगे और आप भी।

ॐ शब्द और रीढ़ की हड्डी

ॐ ओम का उच्चारण करने से उत्पन्न कंपन शरीर के आंतरिक अंगों को स्वस्थ रखने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह रीढ़ की हड्डी को भी मजबूत बनाता है, और तंत्रिका तंत्र को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए सहायक होता है|

ॐ शब्द और नयी सेल

अनेक बार ओ३म् का उच्चारण करने से पूरा शरीर तनावरहित हो जाता है|कुछ ही महीनो में पुरे शरीर में चमत्कारिक बदलाव होने लगते है हर पेशी /सेल नयी तरीके से जाग उठते है|

ॐ शब्द और साहस

जीवन जीने की शक्ति और दुनिया की चुनौतियों का सामना करने का अपूर्व साहस मिलता है
आशा है आप अब कुछ समय जरुर ॐ शब्द का उच्चारण  जरुर करेंगे। साथ ही साथ इसे उन लोगों तक भी जरूर पहुंचायेगे जिनकी आपको फिक्र है|

ये है ॐ शब्द की दिव्यता – तो जान गए ना ॐ शब्द के जाप का अपार लाभ तो आज से आप बिना किसी स्वार्थ के ॐ शब्द का निरंतर जाप करते रहें। इससे आप भगवान की भक्ति भी कर लेंगे और अपने शरीर को स्वस्थ भी रख सकेंगे|

ॐ शब्द के उच्चारण की विधि :

  1. प्रातः उठकर पवित्र होकर ओंकार ध्वनि का उच्चारण करें।
  2. ॐ का उच्चारण पद्मासन, अर्धपद्मासन, सुखासन, वज्रासन में बैठकर भी कर सकते हैं।
  3. आप ॐ शब्द को जोर से बोल सकते हैं, या फिर धीरे-धीरे भी बोल सकते हैं।
  4. ॐ शब्द का जाप आप माला से भी कर सकते हैं या बिना माला के भी कर सकतें है।
  5. ॐ शब्द का उच्चारण 5, 7, 10, 21 बार अपने समयानुसार कर सकते हैं।

सुनील कुमार

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