भगवान गणेश की मूर्ति स्थापना करते समय रखें इन बातों का ध्यान


भगवान गणेश जी के भक्त उनके आगमन की तैयारियां कर रहे हैं। लोगों के घरों में गणपति स्थापना की तैयारियां चल रही है। अगर थोड़ी सावधानी और ध्यान मूर्ति की स्थापना के वक्त रखा जाये तो भगवान गणेश जी की पूजा से दोगुने फल की प्राप्ति होती है। तो आज हम आपको बतातें है भगवान गणेश जी की मूर्ति की स्थापना के वक्त क्या करें.lord ganesh

मूर्ति की स्थापना के वक्त क्या करें

  • गणेश जी स्थापना गणेश चुतुर्थी के दिन होती है।
  • उनकी स्थापना के दिन सबसे पहले घर की सफाई करें और उसके बाद खुद स्नान करें।
  • कोशिश करें कि घर के कोने-कोने में धूप-अगरबत्ती जलाएं जिससे घर का शुद्दिकरण हो जाये।
  • गणेश जी स्थापना घर के उत्तर दिशा की ओर होनी चाहिए।
  • जहां मूर्ति स्थापना करनी हों वहां सबसे पहले लाल रंग का नया वस्त्र पहनाएं।
  • अब वस्त्र के ऊपर गणेश जी को स्थापित करें।
  • अब एक कलश में पानी भरने के बाद उसका मुंह लाल रंग के कपड़े से ढंक देना चाहिए।
  • कलश में रोली और अक्षत को भी डाल कर रख सकते हैं।
  • अब कलश को गणेश जी के बगल में रख दीजिये।
  • गणपति जी को फूल और नये रंगीन वस्त्रों से सजाना चाहिए।
  • रोली, फूल चढ़ाते हुए सुगंधित धूप और दीप से गणेश जी की पूजा करनी चाहिए।
  • उसके बाद उन्हें मोदक या लड्डू का भोग लगाना चाहिए।
  • पूजा के दौरान “गं गणपतये नमः” मंत्र का जाप करना चाहिए।
  • गणपति जी अराधना करने के बाद आरती करनी चाहिए और प्रसाद लोगों में बांटना चाहिए।

भगवान गणेश जी का आवास-काल

ये जातक के ऊपर निर्भर करता है कि वो अपने घर में गणेश जी की मूर्ति को कितने दिनों के लिए लेकर आया है। लोग गणेश जी को 1 दिन 3 दिन 5 दिन या 7 दिन के लिए लाते हैं तो कहीं-कहीं पर पूरे 10 दिन तक के लिए गणपति जी विराजते हैं।

भगवान गणेश जी की मूर्ति विसर्जन

जातक अपने घर में विराजित भगवान गणेश जी की मूर्ति को नियम अनुसार गणेश जी की मूर्ति को विसर्जित कर सकतें है| मूर्ति विसर्जन हमेशा तालाब या किसी नदी में घर के किसी पुरूष के हाथों ही होनि चाहिए।
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सुनील कुमार

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