दादर और नगर हवेली की अनुसूचित जनजातियां


जाति व्यक्ति का जिस समाज में जन्म हुआ हो उसे जाति कहते हैं। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, तेली, लोहार, कुर्मी. धोबी आदि कुछ भारतीय हिन्दू जातियाँ हैं। वैदिक समाज को श्रम विभाजन के निमित्त चार वर्णों में विभक्त किया गया था। ये चार वर्ण हैं : ब्राह्मण ,क्षत्रिय ,वैश्य एवं शूद्र। किन्तु कालान्तर में इससे लाखों जातियाँ बन गयीं। जाति के आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव या पक्षपात करना जातिवाद कहलाता है।

आज हम आपको भारत में स्थित (Dadra and Nagar Haveli) दादर और नगर हवेली की अनुसूचित जनजाति के बारे में बताने जा रहे है. अनुसूचित जनजाति शब्द सबसे पहले भारत के संविधान में इस्तेमाल हुआ था। अनुच्छेद 366 (25) में अनुसूचित जनजातियों को ऐसी जनजातियां या जनजाति समुदाय या इनमें सम्मिलित जनजाति समुदाय के भाग या समूहों को संविधान के प्रयोजनों हेतु अनुच्छेद 342 के अधीन अनुसूचित जनजातियां माना गया है|

दादर और नगर हवेली की अनुसूचित जनजाति सूची

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि प्रवासी अनुसूचित जनजाति के लोगों को दादरा एवं नगर हवेली में आरक्षण का लाभ मिल सकता है।

S.No. Scheduled Castes S.No. Scheduled Castes
1 Dhodia 5 Koli Dhor including Kolgha
2 Dubla including Halpati 6 Naikda or Nayaka
3 Kathodi 7 Varli
4 Kokna

हम उम्मीद करते है, कि आप सभी ने हमारे लिखी हुई पोस्ट पूरे ध्यान से और पूरी पढ़ी होगी, अगर नहीं पढ़ी हो तो एक बार पहले पोस्ट पढ़ें, और अगर फिर आपको कहीं लगे कि इस जगह की यह जाति इस लेख में नहीं बताई गई है या कोई जाति गलत बताई गई है तो कृपया कमेंट के माध्यम से हमें बताएं धन्यवाद।


सुनील कुमार

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