अहोई माता जी की आरती हिंदी और इंग्लिश मे {2020}


पूजा  के अंत में हम सभी देवी – देवताओं की आरती करते हैं। आरती पूजन के अन्त में हम इष्टदेवी ,पूजा  के अंत में हम सभी देवी – देवताओं की आरती करते हैं। आरती पूजन के अन्त में हम इष्टदेवी ,इष्टदेवता की प्रसन्नता के हेतु की जाती है। इसमें इष्टदेव को दीपक दिखाने के साथ उनका स्तवन तथा गुणगान किया जाता है। यह देवी – देवताओं  के गुणों की प्रशंसा गीत है। आरती आम तौर पर एक पूजा या भजन सत्र के अंत में किया जाता है। यह पूजा समारोह के एक भाग के रूप में गाया जाता है।

करवा चथ के ठीक चार दिन बाद अष्टमी तिथि को देवी अहोई माता का व्रत किया जाता है। यह व्रत पुत्र की लम्बी आयु और सुखमय जीवन की कामना से पुत्रवती महिलाएं करती हैं. कृर्तिक मास की अष्टमी तिथि को कृष्ण पक्ष में यह व्रत रखा जाता है इसलिए इसे अहोई अष्टमी के नाम से भी जाना जाता है. इस व्रत का क्या विधान है इस पर हम आगे बात करते हैं पहले इस व्रत की कथा सुनते हैं| आज हम आपके साथ देवी अहोई माता जी की आरती हिन्दी तथा इंग्लिश मे साझा कर रहे है आप अपने सुविधा अनुसार कोई भी माध्यम चुन सकतें है|

अहोई माता जी की आरती (Deity Ahoi Mata Aarti in Hindi)

जय अहोई माता जय अहोई माता
तुमको निसदिन ध्यावत हरी विष्णु धाता

ब्रम्हाणी रुद्राणी कमला तू ही है जग दाता
जो कोई तुमको ध्यावत नित मंगल पाता

तू ही है पाताल बसंती तू ही है सुख दाता
कर्म प्रभाव प्रकाशक जगनिधि से त्राता

जिस घर थारो वास वही में गुण आता
कर न सके सोई कर ले मन नहीं घबराता

तुम बिन सुख न होवे पुत्र न कोई पता
खान पान का वैभव तुम बिन नहीं आता

शुभ गुण सुन्दर युक्ता क्षीर निधि जाता
रतन चतुर्दश तोंकू कोई नहीं पाता

श्री अहोई माँ की आरती जो कोई गाता
उर उमंग अति उपजे पाप उतर जाता

Deity Ahoi Aarti in English 

Jai Ahoi Mata Jai Ahoi Mata.
Tumko Nisdin Dhyavat Hari Vishnu Dhata

Brahamni Rudrani Kamla Tu He Hai Jag Datta.
Surya Chandrama Dhyavat Narad Rishi Gatta

Mata Roop Niranjan Sukh Sampatti Datta.
Jo Koi Tumko Dhyavat Nit Mangal Patta.

Tu He Hai Pataal Basanti Tu He Hai Sukh Datta.
Karma Prabhav Prakashak Jagniddhi Se Trata .

Jis Ghar Tharo Vaas Wahi Mein Gunna Atta.
Kar Na Sake Soi Kar Le Mann Nahi Ghabrata

Tum Bin Sukh Na Hovay Putra Na Koi Patta.
Khan-Paan Ka Vaibhav Tum Bin Nahi Atta

Subh Gun Sundar Yukta Sheer Niddhi Jatta.
Ratan Chaturdarsh Tokun Koi Nahi Patta

Shree Ahoi Ma Ki Aarti Jo Koi Gatta.
Ur Umang Atti Upjay Paap Uttar Jatta

कैसे करें अहोई माता जी की सच्ची आरती ?

यह बात तो सब जानते ही है की संसार पंच महाभूतों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से बना है। आरती में ये पांच वस्तुएं (पंच महाभूत) रहते है—

  1. पृथ्वी की सुगंध—कपूर
  2. जल की मधुर धारा—घी
  3. अग्नि—दीपक की लौ
  4. वायु—लौ का हिलना
  5. आकाश—घण्टा, घण्टी, शंख, मृदंग आदि की ध्वनि

इस प्रकार सम्पूर्ण संसार से ही भगवान की आरती होती है।

मानव शरीर से भी कर सकतें है सच्ची आरती

मानव शरीर भी पंचमहाभूतों से बना है । मनुष्य अपने शरीर से भी ईश्वर की आरती कर सकता है ।

जाने कैसे ?

अपने देह का दीपक, जीवन का घी, प्राण की बाती, और आत्मा की लौ सजाकर भगवान के इशारे पर नाचना—यही सच्ची आरती है। इस तरह की सच्ची आरती करने पर संसार का बंधन छूट जाता है और जीव को भगवान के दर्शन होने लगते हैं।


सुनील कुमार

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