माँ पार्वती जी की आरती हिंदी और इंग्लिश मे {2020}


पूजा  के अंत में हम सभी देवी – देवताओं की आरती करते हैं। आरती पूजन के अन्त में हम इष्टदेवी ,इष्टदेवता की प्रसन्नता के हेतु की जाती है। इसमें इष्टदेव को दीपक दिखाने के साथ उनका स्तवन तथा गुणगान किया जाता है। यह देवी – देवताओं  के गुणों की प्रशंसा गीत है। आरती आम तौर पर एक पूजा या भजन सत्र के अंत  में किया जाता है। यह पूजा समारोह के एक भाग के रूप में गाया जाता है।

हिंदू मान्यतानुसार पार्वती जी ही देवी भगवती हैं। यह भगवान शंकर की अर्धांगिनी हैं। दुर्गा, काली आदि इन्हीं माता के रूप माने जाते हैं। पार्वती जी बड़ी दयालु, कृपालु और करुणामयी हैं। इनकी आराधना करने से भक्तों के सारे कष्ट दूर हो जाते है तथा घर में सुख और शांति का वास होता है। आज हम आपके साथ पार्वती जी की आरती हिन्दी तथा इंग्लिश मे साझा कर रहे है आप अपने सुविधा अनुसार कोई भी माध्यम चुन सकतें है|

पार्वती जी की आरती (Deity Parvati Aarti in Hindi)

जय पार्वती माता जय पार्वती माता |
ब्रह्मा सनातन देवी शुभफल की दाता |

अरिकुलापदम बिनासनी जय सेवक्त्राता,
जगजीवन जगदंबा हरिहर गुणगाता |

सिंह को बाहन साजे कुण्डल हैं साथा,
देबबंधु जस गावत नृत्य करा ताथा |

सतयुगरूपशील अतिसुन्दर नामसतीकहलाता,
हेमाचल घर जन्मी सखियन संग राता |

शुम्भ निशुम्भ विदारे हेमाचल स्थाता,
सहस्त्र भुजा धरिके चक्र लियो हाथा |

सृष्टिरूप तुही है जननी शिव संगरंग राता |
नन्दी भृंगी बीन लही है हाथन मद माता |

देवन अरज करत तब चित को लाता,
गावन दे दे ताली मन में रंगराता |

श्री प्रताप आरती मैया की जो कोई गाता |
सदा सुखी नित रहता सुख सम्पति पाता |

Deity parvati aarti in English 

Jai Parvati Mata, Maiya Jai Parvati Mata,
Brahm Sanatan Devi, Shubh Phal Ki Data.
Om Jai…

Arikul Padm Vinasani, Jai Sevak Trata,
Jag Jivan Jagdamba, Harihar Gun Gata
Om Jai…

Singh Ko Vahan Saje, Kundal Hai Satha
Dev Vadhū Jaha Gavat, Nritya Karat Ta Tha
Om Jai…

Satyug Shil Susundar, Nam Sati Kahlata
Hemanchal Ghar Janmi, Sakhiyan Rangrata
Om Jai…

Shumbh Nishumbh Vidare, Hemanchal Syata
Sahas Bhuja Tanu Dharike, Chakr Liyo Hatha
Om Jai…

Srishti Rup Tu Hi Janani, Shiv Sang Rangrata
Nandi Bhrangi Been Lahi, Sara Madmata
Om Jai…

Devan Araj Karat Ham, Chit Ko Lata.
Gavat De De Tali, Man Mein Rangrata
Om Jai…

Shri Pratap Arati Maiya Ki, Jo Koi Gata
Sada Sukhi Nit Rahta, Such Sampati Pata
Om Jai…

कैसे करें पार्वती जी की सच्ची आरती ?

यह बात तो सब जानते ही है की संसार पंच महाभूतों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से बना है। आरती में ये पांच वस्तुएं (पंच महाभूत) रहते है—

  1. पृथ्वी की सुगंध—कपूर
  2. जल की मधुर धारा—घी
  3. अग्नि—दीपक की लौ
  4. वायु—लौ का हिलना
  5. आकाश—घण्टा, घण्टी, शंख, मृदंग आदि की ध्वनि

इस प्रकार सम्पूर्ण संसार से ही भगवान की आरती होती है।

मानव शरीर से भी कर सकतें है सच्ची आरती

मानव शरीर भी पंचमहाभूतों से बना है । मनुष्य अपने शरीर से भी ईश्वर की आरती कर सकता है ।

जाने कैसे ?

अपने देह का दीपक, जीवन का घी, प्राण की बाती, और आत्मा की लौ सजाकर भगवान के इशारे पर नाचना—यही सच्ची आरती है। इस तरह की सच्ची आरती करने पर संसार का बंधन छूट जाता है और जीव को भगवान के दर्शन होने लगते हैं।


सुनील कुमार

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