भारत की एक एसी नदी जहाँ बहता है सोना


भारत में कई ऐसी रहस्यमयी स्थान है जिनके बारे में आपने कभी ना कभी सुना होगा लेकिन भारत के ही उतर पूर्वी राज्य असम के रहस्मयी स्थानो के बारे में आपने सुना नहीं होगा| असम का इतिहास बहुत पुराना है 1228 में चाइना के यूनान से आने वाले एक राजकुमार ने असम पर अहम् किंडम की स्थापना की थी जो बाद में ब्रिटीश के हाथो में चला गया था असम में पुराने समय से ही बहुत रहस्य छुपा है जिनका उल्लेख महाभारत में भी किया गया है लेकिन आज हम आपके सामने कुछ ऐसी रहस्यमयी जगहों के बारे में बताएंगे जो अभी भी मोजूद है |

गोल्ड रिवर (Gold River)

Gold River, Gold River in india, india Gold River, indian Gold River, Golden River, Golden River in india, asam gold river , asam gold river in india, asam, gold river in asam, river in asam, asam in india

असम में एक ऐसी नदी बहती है जिसका नाम सुबनसिरी (Subansiri River) है सुबन का अर्थ है सोना और सिरी का अर्थ है बहता हुआ मतलब एक बहती हुई सोने की नदी हांलाकि इस नदी का रंग सुनहरा नहीं है, लेकिन इस नदी में मिलने वाला सोने के धुल वजह से ये दुनिया भर में मसूर है, पुराने ज़माने में इस जगहाँ के राजाओं के लोग चलनी के दुआर नदी की रेत में से सोने से बनी रेत अलग कर लेते थे कुरान और भगवत गीता जैसे महान गरनथो में उलेख है की यहाँ के एक राजा ने युधिष्ठिर को एक बहुत बड़ा सोने का भाग दिया था | जिसको हाथी की पीठ पर रख कर लाया गया था कहा जाता है की यह सोना सुबनसिरी नदी से ही निकला गया था| 1907 तक इस नदी के पास रहने वाले लोग आसानी से सोना प्राप्त कर लेते थे पर अभी इस नदी में सोना न के बराबर मिलता है लेकिन लोगो का दावा है की इस नदी के तलहटी पर सोने का एक बड़ा सोत्र हो सकता है|

तलातल घर (Talatal Ghar)

असम में ही एक ऐसा राजमहल है जिसकी तीन 3 मंजिले जमीन के लीचे है और जो भी आज तक निचे की मंजिल पर जाता है वो वापस नहीं आता| यह एक सात 7 मंजिला राजमहल है जिसका 3 मंजिला जमीन के निचे है और सबसे निचे की मंजिल में दो गुप्त सुरंग है जिसमे से एक की लम्बाई तीन किलोमीटर है जो इस महल से एक नदी के मुहाने पर आकर मिलती है और दूसरी सोलह किलोमीटर की है जो एक दुसरे राजमहल में निकलती है इन सुरंगों को दुस्मानो के हमले के समय राजाओं को महफूज कर बाहर निकलने के लिए इस्तेमाल किया जाता था इस राजमहल को तलातल घर कहा जाता है अहम् राजाओं ने 1769 में इस महल को बनवाया था राजमहल होने के साथ साथ यह एक आर्मी बेस भी हुआ करता था इस महल की बनावट कुछ खास थी और इसे राजा की सुरक्षा को मद्दे नजर रखते हुए बनवाया गया था कहा जाता है की इस महल के अंदर का भाग भूल भुलैया जैसा है| जहाँ पर दुसमन आसानी से रास्ता भटक सकते थे| और इसी दुरन महल के राजा को सुरक्षीत स्थान पर पुह्चाया जाता था अब के ज़माने में भी यह महल अपना काम बखूबी करता है इसका तब पता चला जब कई लोग इस महल के भूल भुलैया में हमेशा हमेशा के लिए खोगये तब इस महल के निचे की मंजिलो को सील बंद कर दिया गया| इस महल का एक और असचार्य चकित करने वाली बात है इसके निर्माण में इसतेमाल होने वाली सीमेंट की बनावट आज के सीमेंट से भी शक्तिशाली है और इस सीमेंट को बनाया जाता था एक खास प्रकार का चावल, मछली और बतख के अन्डो को मिलाकर.

असम के साथ – साथ भारत की और भी कई ऐसी रहस्यमयी स्थानो के बारे में हम आपको अपनी आने वाली पोस्ट में बतातें रहेंगे अगर आपके पास भी हिंदुस्तान की किसी रहस्यमयी स्थानो के बारे में पता हो तो आप हमे बता सकतें है| हम उसको अपनी आने वाली पोस्टो के साथ जरुर पेश करेंगे |


सुनील कुमार

Back to top