दस्त का इलाज कैसे करें


लूज मोशन या दस्त पेट से सम्बंधित रोग है जिसे डायरिया भी कहा जाता है| दस्त और पेट से जुड़ी ज्यादातर बीमारियां उन ही लोगों को होती हैं जो ज्यदातर बाहर खाना खाते हैं लेकिन इस बात की गारंटी नहीं ली जा सकती है कि जो लोग घर पर खाना खाते हैं उनका पेट हमेशा ठीक ही रहेगा|

अगर आप बार-बार शौचालय जाते है तो आपके शरीर से लगातार पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की हानि के कारण आपको मितली और सुस्ती का अनुभव हो सकता है। यदि आप बार बार शौचालय नहीं जाना चाहते हैं तो आप कुछ घरेलू उपचारो की मदद ले सकते हैं जो आपको आसानी से उपलब्ध हो सकते हैं। ये आपको दस्त और डायरिया जैसे रोगों से राहत देंगे और इसका इलाज करेंगे

लूज मोशन को ठीक करने के कुछ घरेलु और असरदार उपाए

1. सूखा आंवला दस ग्राम और काली हरड़ पांच ग्राम दोनों को लेकर खूब बारीक पीस लें। फिर एक एक ग्राम की मात्रा से प्रात: सांय पानी के साथ फांके। हर प्रकार के दस्त बंद करने के लिए अत्यंत सरल और अचूक औषिधि है। तीन चार मात्राओं के सेवन से रोगी को बिलकुल आराम आ जाता है तथा इससे आमाशय को भी बल मिलता है।

2. आपको शायद यह पता होगा कि जब आप दस्त से पीड़ित होते हैं तो आपका पाचन तंत्र अच्छे से काम नहीं करता है। इसलिए अगर आप डायरिया से पीड़ित है तो कोई भी भारी भोजन नहीं खाना चाहिए जिसे आपको पचाने में मुश्किल हों। अच्छा होगा अगर आप आसानी से पचने योग्य मूंग दाल और चावल से बनी खिचड़ी का सेवन करेंगे। खिचड़ी के साथ आप दही या छाछ का भी सेवन कर सकते हैं।

3. पेट खराब होने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है. ऐसे में कोशिश करें कि ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं आप चाहें तो फलो का जूस और सब्जियों का रस भी ले सकते हैं. बेहतर होगा अगर पानी में लवण मिला हो. आप चाहें तो नींबू पानी, नमक-चीनी का घोल या फिर नारियल पानी ले सकते हैं. गाजर का जूस भी ऐसे समय में काफी फायदेमंद होता है|

4. वास्तव में कुछ बैक्टीरिया आपके शरीर के लिए अच्छे होते हैं। दही में ऐसे बैक्टीरिया हैं जो आपकी पाचन तंत्र को कुशल बनाने में मदद करते हैं। दही माइक्रोबियल संक्रमण से लड़ने में भी मदद कर सकता है। इसलिए डायरिया से पीड़ित होने पर आप दिन में दही का 2-3 बार सेवन कर सकते हैं।dast ka ilaj

5. आधा कप उबलता हुआ गर्म पानी लें। इसमें एक चम्मच अदरक का रस मिलाएं। और जितना गर्म पी सकें चाय की तरह, उतना गर्म पी लें। इस तरह एक एक घंटे में एक एक खुराक लेते रहने से पानी की तरह हो रहे पतले दस्त बंद हो जाते हैं।

6. दस्त से पीड़ित होने पर पके केले का सेवन बहुत लाभकारी होता है। केले में फाइबर होते हैं जो पाचन समस्याओं में मदद करते हैं। केले में मौजूद पोटेशियम सामग्री इलेक्ट्रोलाइट संतुलन के लिए भी अच्छी होती है। आप 2-3 केले एक दिन खा सकते हैं।

7. एक चम्मच अदरक पाउडर को दूध में मिलाकर पीने से आराम मिलता है| अपसेट पेट में अदरक का इस्तेमाल काफी कारगर होता है| इसमें एंटीफंगल और एंटी-बैक्टीरियल तत्व पाए जाते हैं, जो पेट दर्द में राहत देता है|

8. इसबगोल प्लांटोगो पौधे के बीज की भूसी से प्राप्त किया जाता है। यह अतिसार सहित कई पाचन विकारों के उपचार में प्रभावी है। यह आपके पित्त दोष को भी संतुलित करता है। यह गैस पेट में दर्द और कब्ज का भी इलाज करता है। 5-10 ग्राम इसबगोल भूसी को दही के साथ मिलाकर खाएँ।

9. बेल पथर पेट के लिए बहुत ही फायदे मन्द होता है अगर आपको बेल पथर नही मिलता है तो आप बेल पथर की पत्ती को सुखा कर पिस ले| अब सुखी हुई पत्तियों के पाउडर को 2 चम्च ले और इसमें 2 चम्च शहद मिला ले| इसे एक दिन में 2-3 दिन बार खाएं दस्त में तुरन्त आराम मिलेगा|

10. अगर आपको लगातार दस्त हो रहे हों तो एक चम्मच जीरा चबा लें अमूमन सभी घरों में मिलने वाला ये मसाला दस्त में काफी फायदेमंद है. जीरा चबाकर पानी पी लेने से दस्त बहुत जल्दी रुक जाते हैं|

11. आप एक सूप तैयार कर सकते हैं जो आपके पेट के लिए हल्का और पचाने में आसान हों। विशेष रूप से गाजर सूप अच्छा है। अपने पाचन तंत्र को ट्रैक पर वापस लाने के लिए गाजर के गर्म सूप के 1-2 कटोरे पिएं।

12. 30 ग्राम या आवश्यकतानुसार सूखे आंवले को पानी में खूब बारीक पीस लें और लुगदी (चटनी) बना लें। रोगी को चित्त लेटा दें। रोगी की नाभि के चारों और उस लुगदी का कुंआ सा गोलाकार घेरा बना दें। नाभि बीच में खाली रहे। इस घेरे में तुरंत अदरक का रस भर दें और रोगी को 15-20 मिनट चित्त लेटा रहने दें। इस क्रिया से बिना औषिधि खाए भयंकर से भयंकर अत्यंत प्रबल पानी की भाँती और न रुकने वाले नदी के वेग के समान तथा समुद्र के समान हिलोरे मारते दस्त भी रुक जाते हैं।

नोट: अगर आंवले न हो तो आटे की लुगदी बना कर उसमे अदरक का रस भरें।

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सुनील कुमार

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