Good Touch और Bad Touch के बारे में अपने बच्चों को कैसे बताए


आपने अपने बच्चो को राजकुमार या राजकुमारी की तरह पाला पोसा है आप उनकी सभी आवश्यकताओं के बारे में जानते हैं, और जब भी उन्हें आपकी आवश्यकता होती है, आप वहां उनके लिए मौजूद होते हैं। लेकिन आप हर समय पर हर जगह नहीं हो सकते। आज हम एक ऐसी दुनिया में रहते हैं जहां pedophiles रहते हैं और हम में से एक के रूप में रहते हैं। और वे बच्चों को लक्षित करने और उन्हें अपनी यौन इच्छाओं के अनुरूप बनाने के लिए जाने जाते हैं। एक छोटा बच्चा निर्दोष होता है और उसे यह जानकारी नहीं होती कि good touch & bad touch का कैसे अनुमान लगाया जाए। बचपन के यौन शोषण हमेशा एक स्पर्श से शुरू होता है|

इस स्पर्श को कोई भी बच्चा नोटिस करने में विफल रहता है, क्यूकी उसे इस  तरह के बूरे स्पर्श के बारे मे पता ही नहीं होता है। अपने बच्चे को good touch and bad touch के बीच के अंतर को बताने से आप उसे आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी रूप से तैयार कर रहे होते हैं| उसे लैंगिक रूप से यौन शोषण का शिकार होने से बचने के लिए तैयार करना हर माता-पिता का एक कर्तव्य होता हैं। यह एक कठिन विषय हो सकता है, खास तौर पर युवा बच्चों के साथ इसके लिए आपको अपने बच्चो को 4-5 साल की उम्र से ही अपने बच्चो को यह महत्वपूर्ण जानकारी के बारे मे बात करनी आरंभ कर देनी चाहिए| आप अपने बच्चे को अच्छे स्पर्श और बुरा स्पर्श (good touch and bad touch ) के बीच अंतर को एसे बता सकतें है

बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में बताना आवश्यक है. बच्चों को यह जानकारी माता-पिता, टीचरों की ओर से दी जानी चाहिए. आइए जानते हैं बच्चों को क्या क्या बातें बतानी चाहिए

अपने बच्चे को अच्छा और बुरा स्पर्श बातें (Teach Good And Bad Touch To Your Child)

वर्तमान में जो माहोल है उसमे बच्चों को good touch and bad touch में अंतर समझना बहुत जरुरी है, आपके द्वारा अपने बच्चों को दी गई अच्छे और बुरे स्पर्श की जानकारी उनको सुरक्षित रखने में मदद करेगी| अगर इसकी शुरुआत बचपन से ही कर दी जाए तो और भी बेहतर होता है| सबसे पहले बच्चों को यह बताना चाहिए कि बैड टच क्या होता है और गुड टच क्या होता है. इसलिए आप उन्हें ना सिर्फ इसके बारे में बताएं बल्कि उन्हें प्रेक्टिकल रूप से भी उन्हे समझाने की कोशिश करें, ताकि वो आसानी से समझ सके.

सबसे पहले सिखाएं, किन लोगों पर यकीन करें और किन लोगों पर नहीं

ज्यादातर बच्चे बहुत जल्दी सीखना शुरू कर देते हैं। ऐसे में आप उन्हें कम से कम 4 साल की उम्र से यह बात समझाना शुरू कर दें कि उसे किस पर यकीन करना चाहिए, किस पर नहीं। अगर कोई उसकी जान पहचान का नहीं है तो किसी के साथ नहीं जाना चाहिए। अनजान व्यक्ति से उसे कुछ भी खाने की चीज नहीं लेनी चाहिए।

गुड और बैड टच के बीच लाइन

ये काफी मुश्किल होता है कि बच्‍चे को वो बॉडी पार्ट्स बताएं, जहां अगर कोई प्‍यार से भी टच करे तो उसे रोका जाए| इसके लिए माता पिता बॉडी के उन पार्ट्स के लिए किसी नाम का प्रयोग करें जिससे बच्‍चा उसे पहचान पाए| जैसे बच्‍चे को बताएं कि जिन पार्ट्स को कवर करने के लिए आप स्विमसूट पहनते हैं उन्‍हें पेरेंट्स के अलावा और कोई नहीं छू सकता, इससे वे शरीर के भागों में भेद करना सीखेंगे|

अक्‍सर ऐसा देखा गया है कि बाल शोषण करने वाले लोग बच्‍चों को प्‍यार से अपने पास बुलाते हैं, जिससे बच्‍चा समझ नहीं पाता कि उसका शोषण हो रहा है कि वो व्‍यक्ति उन्‍हें प्‍यार कर रहा है|

बच्चों को शरीर के अंगो के बारे में बताए

माता पिता का फर्ज है की बच्चों को बताएं शरीर के कुछ अंगों के बारे में जैसे की छाती, होठ, कमर से निचे का अंग, पेट से निचे का अंग इन सबके बारे में माता पिता को बच्चो को बताने की जरूरत है|

बच्चों से करें खुलकर बात

ज्यादातर माता-पिता अपने बच्चों से इस विषय पर बात करने से कतराते है, लेकिन मा और पिता को अपने बच्चों के साथ खुलकर बात करनी चाहिए, बच्चे से बातकर उनकी पूरे दिन की जानकारी लें, बच्चों से हमेशा प्यार से बात करें ताकि वह डर की वजह से आप से कुछ छिपाए नहीं|

चूमने और गोद लेने पर रखें नजर

अपने बच्चे को गुड टच और बेड टच की जानकारी देते समय प्यार से समझाए कि गुड टच और बेड टच है क्या? साथ ही बच्चों को पिक्चर दिखा कर समझाएं, बच्चों को बताएं कि अगर कोई उन्हें जबरदस्ती गोद में लेता है या किस करें तो तुरंत इंकार कर दें और इसकी जानकारी हमें दें यानी माता पिता को इस बारे में जरुर बताए|

बैड टच हो तो क्‍या करे बच्‍चा

बच्‍चे को सिखाएं कि नहीं का मतलब नहीं होता है, बच्‍चे को बताएं कि किसी भी सूरत में वे बॉडी पॉर्ट्स को किसी को भी टच करने के लिए नहीं ही कहेंगे, अगर इसके बावजूद भी बच्‍चे के साथ ऐसा हो, तो वे डरे नहीं और मदद के लिए चिल्‍लाएं, उन्‍हें बताएं कि उनकी एक आवाज पर कितने लोग उनकी मदद के लिए पहुंच जाएंगे, बच्‍चे को ये भी बताएं कि वे परिस्थिति को देखें-समझें और किसी सेफ जगह पहुंचकर चिल्‍लाएं या अलार्म बजाएं, उन्हे बताएं की वे हवां से भी तेज भाग सकते हैं|

कुछ ध्यान देने वाली जरूरी बातें

  • 3 से 4 साल की उम्र में बच्चों को गुड और बैड टच के बारे में बताना शुरू कर देना चाहिए
  • उन्हें बताएं कि माता-पिता के अलावा किसी और के सामने कभी कपड़े नहीं उतारने चाहिए
  • बताएं कि उनके प्राइवेट पार्ट्स उनके अलावा और कोई नहीं छू सकता
  • प्राइवेट पार्ट्स को अगर कोई छूता है तो वो बैड टच है
  • किसी का छूना अगर उसे अच्छा नहीं लगता वो भी बैड टच है
  • अगर डॉक्टर उसके शरीर को छूते हैं तो वो गुड टच है बशर्ते माता-पिता साथ में मौजूद हों
  • समझाएं कि करीबी रिश्तेदार भी उन्हें गलत तरीके से छू नहीं सकते
  • उसे बताएं कि किसी और के प्राइवेट पार्ट्स छूना गलत बात है, ऐसा कभी नहीं करना चाहिए
  • बच्चों को बताएं कि उनके प्राइवेट पार्ट्स उनकी बॉडी का हिस्सा हैं और इन्हें उसके अलावा कोई दूसरा नहीं छू सकता
  • बच्चों से हमेशा बात करते रहें, उनसे पूछते रहें कि स्कूल में आज क्या हुआ, किसने उससे क्या कहा, क्या उसे कोई बात स्कूल में अच्छी नहीं लगी
  • बच्चों से बेहद करीबी रिश्ता बना कर रखें, उसे हमेशा इस बात के लिए उत्साहित करें कि वो कुछ भी छुपाए नहीं, सब कुछ बताए
  • अपने बच्चे को इस बात का भरोसा दिलाएं कि आप उसकी हर बात को अपने आप तक ही रखेंगे, उसका हर सीक्रेट छुपा कर रखेंगे
  • बच्चों को गुड टच और बैड टच के बारे में बताने के लिए इंटरनेट पर कई वीडियो भी हैं जिन्हें दिखाकर आप बेहद आसानी से समझा सकते हैं

माता पिता को क्या करना चाहिए जब बच्चा ऐसे किसी दुष्कर्म को शिकार होता है

1. अपने बच्चों पर भरोसा करें जब वह किसी बात के बारे में बताएं तो उनकी बात सुने.

2. बार बार उस संगीन घटना के बारे में बच्चों से बात न करें.

3. अपराधी के खिलाफ तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में कंप्लेंट दर्ज करें.

4. अस्पताल जाकर तुरंत बच्चे की मेडिकल जांच कराए.

5. बच्चे को परामर्श के लिए मनोविज्ञानिक के पास ले जाएँ.

6. भविष्य में बच्चों को सतर्क होने की बात कहें.

बच्चों को आवाज उठाना सिखाएं

बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ाना सबसे ज़रूरी है, उसे कुछ भी गलत होने पर शोर मचाना और ना कहना सिखाएं, उसे भरोसा दिलाएं कि अगर उसे कोई गलत तरीके से इसे छूता है फौरन शोर मचाना चाहिए, अगर स्कूल में ऐसा होता है तो उसे तुरंत अपनी टीचर से इसकी शिकायत करनी चाहिए, घर के आस-पास या कोई रिश्तेदार ऐसा करता है तब भी उसे फौरन माता-पिता को बताना चाहिए, उन्हें इस बात का यकीन दिलाना चाहिए कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है, उसे गलत क्या है और सही क्या है इसके बारे में बताएं, अगर कोई हादसा हो भी जाता है तो ये माता-पिता की जिम्मेदारी है कि उसे अपराधबोध ना होने दें

आजकल बच्चों के साथ यौन शोषण की घटनाएं इतनी ज्यादा बढ़ चुकी हैं कि हर माता-पिता को डर लगा रहता है कि उनका बच्चा सुरक्षित है या नहीं, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, थोड़ी सी सावधानी और जानकारी से ना सिर्फ ऐसी घटनाओं को टाला जा सकता है बल्कि इसके जरिए अपने बच्चे को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी भी बनाया जा सकता है

और अधिक जानकारी के लिए देखे यह Video

हम उम्मीद करते है, कि आप सभी ने हमारे लिखी हुई पोस्ट पूरे ध्यान से और पूरी पढ़ी होगी, अगर नहीं पढ़ी हो तो एक बार पहले पोस्ट पढ़ें, और अगर फिर आपको कहीं लगे कि यह बात गलत है या इस तरीके से भी अपने बच्चो को Good Touch और Bad Touch के बारे में बता सकते है, तो कृपया कमेंट के माध्यम से हमें बताएं धन्यवाद।


सुनील कुमार

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