बद्रीनाथ जी की आरती हिंदी और इंग्लिश मे {2020}


पूजा  के अंत में हम सभी देवी – देवताओं की आरती करते हैं। आरती पूजन के अन्त में हम इष्टदेवी ,पूजा  के अंत में हम सभी देवी – देवताओं की आरती करते हैं। आरती पूजन के अन्त में हम इष्टदेवी ,इष्टदेवता की प्रसन्नता के हेतु की जाती है। इसमें इष्टदेव को दीपक दिखाने के साथ उनका स्तवन तथा गुणगान किया जाता है। यह देवी – देवताओं  के गुणों की प्रशंसा गीत है। आरती आम तौर पर एक पूजा या भजन सत्र के अंत में किया जाता है। यह पूजा समारोह के एक भाग के रूप में गाया जाता है।

बदरीनाथ मंदिर , जिसे बदरीनारायण मंदिर भी कहते हैं, अलकनंदा नदी के किनारे उत्तराखंड राज्य में स्थित है। यह मंदिर भगवान विष्णु के रूप बदरीनाथ को समर्पित है। यह हिन्दुओं के चार धाम में से एक धाम भी है। ऋषिकेश से यह 294 किलोमीटर की दूरी पर उत्तर दिशा में स्थित है। आज हम आपके साथ बदरीनाथ जी की आरती हिन्दी तथा इंग्लिश मे साझा कर रहे है आप अपने सुविधा अनुसार कोई भी माध्यम चुन सकतें है|

बद्रीनाथ जी की आरती (Lord Badrinath Aarti in Hindi)

पवन मंद सुगंध शीतल हेम मंदिर शोभितम l
निकट गंगा बहत निर्मल श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम ll

शेष सुमिरन करत निशदिन धरत ध्यान महेश्वरम l
श्री वेद ब्रह्मा करत स्तुति श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम ll

इंद्र चंद्र कुबेर धुनि कर धूप दीप प्रकाशितम l
सिद्ध मुनिजन करत जै जै बद्रीनाथ विश्व्म्भरम ll

शक्ति गौरी गणेश शारद नारद मुनि उच्चारणम l
जोग ध्यान अपार लीला श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम ll

यक्ष किन्नर करत कौतुक ज्ञान गंधर्व प्रकाशितम l
श्री लक्ष्मी कमला चंवरडोल श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम ll

कैलाश में एक देव निंरजन शैल शिखर महेश्वरम l
रजा युधिष्ठिर करतस्तुति श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम ll

श्री बद्रीनाथजी की जो पढ्त स्तुति होत पाप विनाशन l
कोटि तीर्थ भवेत पुण्य प्राप्यते फलदायकम ll

Lord Badrinath Aarti in English 

Pawan mandh sugandh sheetal hem mandir shobitham l
Nikhat Ganga bahat nirmal Shri Badrinath vishambaram ll

Sesh sumiran karat nishdin dharat dhyan maheshwaram l
Shri Ved Brahma karath stuti Shri Badrinath vishambaram ll

Indra chandra kuber dinkar dhoop deep prakhashitam l
Sidh munijan karat jai jai Shri Badrinath vishambaram ll

Shakti Gauri Ganesh Sharad Narad muni uchcharanam l
Yog dhyani aapar leela Shri Badrinath vishambaram ll

Yaksh kinnar karat kautukh gyan gandhrava prakashitam l
Shri Laxmi Kamla chavar dhole Shri Badrinath vishambaram ll

Kailash mey ek dev niranjan shail shikhar maheshwaram l
Raja Yudhisthir karat stuthi Shri Badrinath Vishambaram ll

Shri Badrinath ji ki jo padhat stuti hothe paap vinashan l
Koti teerth bhayo punya praptya phaldayakam.

कैसे करें भगवान बदरीनाथ की सच्ची आरती ?

यह बात तो सब जानते ही है की संसार पंच महाभूतों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से बना है। आरती में ये पांच वस्तुएं (पंच महाभूत) रहते है—

  1. पृथ्वी की सुगंध—कपूर
  2. जल की मधुर धारा—घी
  3. अग्नि—दीपक की लौ
  4. वायु—लौ का हिलना
  5. आकाश—घण्टा, घण्टी, शंख, मृदंग आदि की ध्वनि

इस प्रकार सम्पूर्ण संसार से ही भगवान की आरती होती है।

मानव शरीर से भी कर सकतें है सच्ची आरती

मानव शरीर भी पंचमहाभूतों से बना है । मनुष्य अपने शरीर से भी ईश्वर की आरती कर सकता है ।

जाने कैसे ?

अपने देह का दीपक, जीवन का घी, प्राण की बाती, और आत्मा की लौ सजाकर भगवान के इशारे पर नाचना—यही सच्ची आरती है। इस तरह की सच्ची आरती करने पर संसार का बंधन छूट जाता है और जीव को भगवान के दर्शन होने लगते हैं।


सुनील कुमार

Back to top