भैरव बाबा जी की चालीसा


देवी/देवताओं की सरल भाषा में की जाने वाली प्रार्थना को चालीसा कहा जाता है। इष्ट देव की चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में अद्भुत प्रभाव पड़ता है। इसके साथ ही इस प्रार्थना को चालीसा इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें चालीस लाइनें होती हैं। सरल भाषा में होने के कारण इसे आसानी से पढ़ा जा सकता है। सरलता से ईश्वर को प्रसन्न करने का ये तरीका हिंदू धर्म में बहुत लोकप्रिय माना जाता है। इसके पाठ के लिए किसी खास नियम की आवश्यकता नहीं होती है। सिर्फ श्रद्धा, स्वच्छता का ध्यान रखकर ही चालीसा का पाठ किया जा सकता है।.

आज हम आपके साथ भैरव बाबा जी की चालीसा हिन्दी तथा इंग्लिश मे साझा कर रहे है आप अपने सुविधा अनुसार कोई भी माध्यम चुन सकतें है|

भैरव बाबा जी की चालीसा (Lord Bhairav Chalisa in Hindi)

श्री गणपति, गुरु गौरि पद, प्रेम सहित धरि माथ ।
चालीसा वन्दन करों, श्री शिव भैरवनाथ ॥
श्री भैरव संकट हरण, मंगल करण कृपाल ।
श्याम वरण विकराल वपु, लोचन लाल विशाल ॥
जय जय श्री काली के लाला । जयति जयति काशी-कुतवाला ॥
जयति बटुक भैरव जय हारी । जयति काल भैरव बलकारी ॥
जयति सर्व भैरव विख्याता । जयति नाथ भैरव सुखदाता ॥
भैरव रुप कियो शिव धारण । भव के भार उतारण कारण ॥
भैरव रव सुन है भय दूरी । सब विधि होय कामना पूरी ॥
शेष महेश आदि गुण गायो । काशी-कोतवाल कहलायो ॥
जटाजूट सिर चन्द्र विराजत । बाला, मुकुट, बिजायठ साजत ॥
कटि करधनी घुंघरु बाजत । दर्शन करत सकल भय भाजत ॥
जीवन दान दास को दीन्हो । कीन्हो कृपा नाथ तब चीन्हो ॥
वसि रसना बनि सारद-काली । दीन्यो वर राख्यो मम लाली ॥
धन्य धन्य भैरव भय भंजन । जय मनरंजन खल दल भंजन ॥
कर त्रिशूल डमरु शुचि कोड़ा । कृपा कटाक्ष सुयश नहिं थोड़ा ॥
जो भैरव निर्भय गुण गावत । अष्टसिद्घि नवनिधि फल पावत ॥
रुप विशाल कठिन दुख मोचन । क्रोध कराल लाल दुहुं लोचन ॥
अगणित भूत प्रेत संग डोलत । बं बं बं शिव बं बं बोतल ॥
रुद्रकाय काली के लाला । महा कालहू के हो काला ॥
बटुक नाथ हो काल गंभीरा । श्वेत, रक्त अरु श्याम शरीरा ॥
करत तीनहू रुप प्रकाशा । भरत सुभक्तन कहं शुभ आशा ॥
रत्न जड़ित कंचन सिंहासन । व्याघ्र चर्म शुचि नर्म सु‌आनन ॥
तुमहि जा‌ई काशिहिं जन ध्यावहिं । विश्वनाथ कहं दर्शन पावहिं ॥
जय प्रभु संहारक सुनन्द जय । जय उन्नत हर उमानन्द जय ॥
भीम त्रिलोकन स्वान साथ जय । बैजनाथ श्री जगतनाथ जय ॥
महाभीम भीषण शरीर जय । रुद्र त्र्यम्बक धीर वीर जय ॥
अश्वनाथ जय प्रेतनाथ जय । श्वानारुढ़ सयचन्द्र नाथ जय ॥
निमिष दिगम्बर चक्रनाथ जय । गहत अनाथन नाथ हाथ जय ॥
त्रेशलेश भूतेश चन्द्र जय । क्रोध वत्स अमरेश नन्द जय ॥
श्री वामन नकुलेश चण्ड जय । कृत्या‌ऊ कीरति प्रचण्ड जय ॥
रुद्र बटुक क्रोधेश काल धर । चक्र तुण्ड दश पाणिव्याल धर ॥
करि मद पान शम्भु गुणगावत । चौंसठ योगिन संग नचावत ।
करत कृपा जन पर बहु ढंगा । काशी कोतवाल अड़बंगा ॥
देयं काल भैरव जब सोटा । नसै पाप मोटा से मोटा ॥
जाकर निर्मल होय शरीरा। मिटै सकल संकट भव पीरा ॥
श्री भैरव भूतों के राजा । बाधा हरत करत शुभ काजा ॥
ऐलादी के दुःख निवारयो । सदा कृपा करि काज सम्हारयो ॥
सुन्दरदास सहित अनुरागा । श्री दुर्वासा निकट प्रयागा ॥
श्री भैरव जी की जय लेख्यो । सकल कामना पूरण देख्यो ॥

जय जय जय भैरव बटुक, स्वामी संकट टार ।
कृपा दास पर कीजिये, शंकर के अवतार ॥
जो यह चालीसा पढ़े, प्रेम सहित सत बार ।
उस घर सर्वानन्द हों, वैभव बड़े अपार ॥

Also Read: भैरव जी की आरती हिंदी और इंग्लिश मे

Lord Bhairav Chalisa in English 

Shri Ganpati Guru Gauri Pad, Prem Sahit Dhari Math.
Chalisa Vandan Karon, Shri Shiv Bhairavnath.
Shri Bhairav Sankat Haran, Mangal Karan Kripal.
Shyam Varan Vikral Vapu, Lochan Lal Vishal.

Jai Jai Shri Kali Ke Lala, Jaiyti Jayati Kashi-Kutawala.
Jayti Batuk Bhairav Jai Hari, Jayti Kal Bhairav Balkari.
Jayti Sarv Bhairav Vikhyata, Jayti Nath Bhairav Sukhdata.
Bhairav Rup Kiyo Shiv Dharan, Bhav Ke Bhar Utaran Kaaran.
Bhairav Rav Sun Hai Bhay Duri, Sab Vidhi Hoy Kamana Puri.
Shesh Mahesh Aadi Gun Gaayo, Kasha-Kotawal Kahlayo.
Jatajut Sir Chandan Virajat, Bala Mukut Bijayat Sajat.
Kati Kardhani Ghunghru Bajat, Darshan Karat Sakal Bhay Bhajat.
Jeevan Dan Das Ko Dinho, Kinaho Kripa Nath Tab Chinaho.
Vasi Rasana Bani Sarad-Kali,Dinyo Var Rakhyo Mam Lali
Dhany Dhany Bhairav Bhay Bahnjan, Jai Manaranjan Khal Dal Bhanjan.
Kari Trishul Damaru Suchi Koda, Kripa Kataksh Suyash Nahin Thoda.
Jo Bhairav Nirbhay Gun Gavat, Ashtsiddhi Navnidhi Phal Pavat.
Rup Vihsal Kathin Dukh Mochan, Krodh Karal Lal Duhun Lochan.
Agnit Bhut Prêt Sang Dolat, Bam Bam Bam Shiv Bam Bam Botal.
Rudrakay Kali Ke Lala, Maha Kalahu Ke Ho Kala.
Batuk Nath Ho Gambhira, Shwet, Rakt Aru Shayam Sharira.
Karat Tinahu Rup Prakasha, Bharat Subhktan Kahun Shubh Asha.
Rattan Jadit Kanchan Singhasan, Vyaghra Charm Shuchi Narm Suaanan.
Tumahi Jaai Kashihin Jan Dhyavahin, Vishavnath Kahan Darshan Pavahin.
Jai Prabhu Sanharak Sunand Jai, Jai Unnat Har Umanand Jai.
Bheem Prilokan Sowan Sath Jai, Baijnath Shri Jagatnath Jai.
Mahabheem Bhishan Sharer Jai, Rudra Trayambak Dheer Veer Jai.
Ashvnath Jai Pretnath Jai, Shavanarudh Saychandra Nath Jai.
Nimish Digambar Chakranath Jai, Gahat Anaathan Nath Haath Jai.
Treshlesh Bhutesh Chandra Jai, Krodh Vats Amresh Nand Jai.
Shri Vaaman Nakulesh Chand Jai, Krityaun Keerti Prachand Jai.
Rudra Batuk Krodhesh Kal Dhar, Chakra Tund Dash Panivyaal.
Kari Mad Pan Shambhu Gungavat, Chaunsath Yogin Sang Nachavat.
Karat Kripa Jan Bahu Dhanga, Kasha Kotawal Adbanga.
Deyan Kal Bhairav Jab Sota, Nasai Pap Mota Se Mota.
Jakar Nirmal Hoy Sharira, Mitai Sakal Sankat Bhav Peera
Shri Bhairav Bhuton Ke Raja, Badha Harat Karat Shubh Kaja.
Aeladi Ke Dhukh Nivarayo, Sada Kripa Kari Kaj Samharyo.
Sundardas Sahit Anuraga, Shri Durvasa Nikat Prayaga.
Shri Bhairav Ji Ki Jai Lekhyo, Sakal Kamana Puran Dekhyo.

Jai Jai Jai Bhairav Batuk, Swami Sankat Taar.
Kripa Das Par Kijiye, Shankar Ke Avtar.
Jo Yah Chalisa Padhe Prem Sahit Sat Baar.
Uas Ghar Sarwanand Hon, Vaibhav Bade Apaar.


सुनील कुमार

Back to top