भगवान गणेश जी की आरती हिंदी और इंग्लिश मे {2020}


पूजा  के अंत में हम सभी भगवानो की आरती करते हैं। आरती पूजन के अन्त में हम इष्टदेवता की प्रसन्नता के हेतु की जाती है। इसमें इष्टदेव को दीपक दिखाने के साथ उनका स्तवन तथा गुणगान किया जाता है। यह एक देवता के गुणों की प्रशंसा गीत है। आरती आम तौर पर एक पूजा या भजन सत्र के अंत में किया जाता है। यह पूजा समारोह के एक भाग के रूप में गाया जाता है।

हिन्दू धर्म में णेश जी को प्रथम पूजनीय माना जाता है। हर शुभ कार्य से पहले गणेश जी की पूजा की जाती है। भगवान शिव और देवी पार्वती के पुत्र माने जाने वाले श्री गणेश जी के पूजा में उनकी आरती का विशेष महत्व है जो आज हम आपके साथ हिन्दी तथा इंग्लिश मे साझा कर रहे है आप अपने सुविधा अनुसार कोई भी माध्यम चुन सकतें है|

श्री गणेश जी  की आरती (Lord Ganesha Aarti in Hindi)

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा
माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ॥ जय…

एक दंत दयावंत चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे मूसे की सवारी ॥ जय…

अंधन को आंख देत, कोढ़िन को काया।
बांझन को पुत्र देत, निर्धन को माया ॥ जय…

पान चढ़े फल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डुअन का भोग लगे संत करें सेवा ॥ जय…

‘सूर’ श्याम शरण आए सफल कीजे सेवा
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ॥

Lord Ganesha Aarti in English Text

JAI GANESH JAI GANESH JAI GANESH DEVA
MATA JAKII PARVATII, PITAA MAHAADEVA

EKA DANTA DAYAVANTA, CHAR BHUJA DHAARII
MATHE SINDUURA SOHAI, MUUSE KII SAVARI
JAI GANESH…

ANDHANA KO AANKHA DETA KORHINA KO KAAYAA
BANJHANA KO PUTRA DETA NIRDHANA KO MAAYA
JAI GANESH…

HAAR CHARHE, PHOOL CHARHE AURA CHARHE MEVA
LADDUAN KO BHOGA LAGE SANT KAREN SEVA
JAI GANESHA…

DINAN KI LAAJ RAKHO SHAMBHU PUTRA VAARI
MANORATH KO PURA KARO JAI BALIHAARI
JAI GANESHA…

कैसे करें भगवान की सच्ची आरती ?

यह बात तो सब जानते ही है की संसार पंच महाभूतों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से बना है। आरती में ये पांच वस्तुएं (पंच महाभूत) रहते है—

  1. पृथ्वी की सुगंध—कपूर
  2. जल की मधुर धारा—घी
  3. अग्नि—दीपक की लौ
  4. वायु—लौ का हिलना
  5. आकाश—घण्टा, घण्टी, शंख, मृदंग आदि की ध्वनि

इस प्रकार सम्पूर्ण संसार से ही भगवान की आरती होती है।

मानव शरीर से भी कर सकतें है सच्ची आरती

मानव शरीर भी पंचमहाभूतों से बना है । मनुष्य अपने शरीर से भी ईश्वर की आरती कर सकता है ।

जाने कैसे ?

अपने देह का दीपक, जीवन का घी, प्राण की बाती, और आत्मा की लौ सजाकर भगवान के इशारे पर नाचना—यही सच्ची आरती है। इस तरह की सच्ची आरती करने पर संसार का बंधन छूट जाता है और जीव को भगवान के दर्शन होने लगते हैं।


सुनील कुमार

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