श्री साईं बाबा जी की आरती हिंदी और इंग्लिश मे {2020}


पूजा  के अंत में हम सभी भगवानो की आरती करते हैं। आरती पूजन के अन्त में हम इष्टदेवता की प्रसन्नता के हेतु की जाती है। इसमें इष्टदेव को दीपक दिखाने के साथ उनका स्तवन तथा गुणगान किया जाता है। यह एक देवता के गुणों की प्रशंसा गीत है। आरती आम तौर पर एक पूजा या भजन सत्र के अंत में किया जाता है। यह पूजा समारोह के एक भाग के रूप में गाया जाता है।

भारतीय समाज में देवी-देवताओं के साथ- साथ संत-फकीरों को भी पूज्यनीय माना जाता है। इस कड़ी में श्री साईं बाबा प्रमुख रूप में भक्तों द्वारा पूजे जाते हैं। भक्तजन बाबा की आरती द्वारा उन्हें स्मरण करते हैं। आज हम आपके साथ श्री साईं बाबा जी की आरती हिन्दी तथा इंग्लिश मे साझा कर रहे है आप अपने सुविधा अनुसार कोई भी माध्यम चुन सकतें है|

श्री साईं बाबा जी की आरती (Lord Shri Sai Baba Ji Ki Aarti in Hindi)

ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे।
भक्तजनों के कारण, उनके कष्ट निवारण॥
शिरडी में अव-तरे, ॐ जय साईं हरे।
ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे॥

दुखियन के सब कष्टन काजे, शिरडी में प्रभु आप विराजे।
फूलों की गल माला राजे, कफनी, शैला सुन्दर साजे॥
कारज सब के करें, ॐ जय साईं हरे।
ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे॥

काकड़ आरत भक्तन गावें, गुरु शयन को चावड़ी जावें।
सब रोगों को उदी भगावे, गुरु फकीरा हमको भावे॥
भक्तन भक्ति करें, ॐ जय साईं हरे।
ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे॥

हिन्दु मुस्लिम सिक्ख इसाईं, बौद्ध जैन सब भाई भाई।
रक्षा करते बाबा साईं, शरण गहे जब द्वारिकामाई॥
अविरल धूनि जरे, ॐ जय साईं हरे।
ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे॥

भक्तों में प्रिय शामा भावे, हेमडजी से चरित लिखावे।
गुरुवार की संध्या आवे, शिव, साईं के दोहे गावे॥
अंखियन प्रेम झरे, ॐ जय साईं हरे।
ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे॥
ॐ जय साईं हरे, बाबा शिरडी साईं हरे।
शिरडी साईं हरे, बाबा ॐ जय साईं हरे॥
श्री सद्गुरु साईंनाथ महाराज की जय॥

Lord Sai Baba Aarti in English 

Aarti Utaare Hum Tumhari Sai Baba,
Charano Ke Tere Hum Pujari Sai Baba.

Vidya Bal Budhhi, Bandu Mata Pita Ho,
Tan Man Dhan Pran, Tum Hi Sakha Ho.
Hey Jagdata Avtare Sai Baba,
Aarti Utaare Hum Tumhari Sai Baba.

Bramha Ke Sagun Avtaar Tum Swami,
Gyani Dayavaan Prabhu Antaryaami.
Sun Lo Vinti Hamari Sai Baba,
Aarti Utaare Hum Tumhari Sai Baba.

Aadi Ho Anant Trigunaatmak Murti,
Sindhu Karuna Ke Ho Udharak Murti.
Shirdi Ke Sant Chamatkaari Sai Baba,
Aarti Utaare Hum Tumhari Sai Baba.

Bhakto Ki Khaatir, Janam Liye Tum,
Prem Gyan Satya Sneh, Marm Diye Tum.
Dukhiya Jano Ke Hitkaari Sai Baba,
Aarti Utaare Hum Tumhari Sai Baba.

कैसे करें भगवान की सच्ची आरती ?

यह बात तो सब जानते ही है की संसार पंच महाभूतों—पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश से बना है। आरती में ये पांच वस्तुएं (पंच महाभूत) रहते है—

  1. पृथ्वी की सुगंध—कपूर
  2. जल की मधुर धारा—घी
  3. अग्नि—दीपक की लौ
  4. वायु—लौ का हिलना
  5. आकाश—घण्टा, घण्टी, शंख, मृदंग आदि की ध्वनि

इस प्रकार सम्पूर्ण संसार से ही भगवान की आरती होती है।

मानव शरीर से भी कर सकतें है सच्ची आरती

मानव शरीर भी पंचमहाभूतों से बना है । मनुष्य अपने शरीर से भी ईश्वर की आरती कर सकता है ।

जाने कैसे ?

अपने देह का दीपक, जीवन का घी, प्राण की बाती, और आत्मा की लौ सजाकर भगवान के इशारे पर नाचना—यही सच्ची आरती है। इस तरह की सच्ची आरती करने पर संसार का बंधन छूट जाता है और जीव को भगवान के दर्शन होने लगते हैं।


सुनील कुमार

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