रतन टाटा के 19 प्रेरक विचार – Inspirational Quotes by Ratan Tata in Hindi


रतन टाटा के बेहतरीन प्रेरक विचार – आज के टाइम में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो रतन टाटा को न जानता हो | नमक से सॉफ्टवेर (Software) तक का निर्माण करने वाली Tata Company भारत में ही नहीं पूरे विश्व में जानी जाती है। टाटा कंपनी के चेयरमैन रतन टाटा भारतीय उद्द्योग जगत में एक लिविंग लेजेंड की तरह देखे जाते हैं| परन्तु रतन टाटा का स्वभाव शर्मीला है और वे दुनिया की झूठी चमक दमक में विश्वास नहीं करते। 

रतन टाटा सालों से मुम्बई के कोलाबा जिले में एक किताबों से भरे हुए फ्लैट में अकेले रहते है। रतन टाटा उच्च आदर्शों वाले व्यक्ति है, वे मानते हैं कि व्यापार का अर्थ सिर्फ मुनाफा कामाना नहीं बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी समझना है और व्यापार में सामाजिक मूल्यों का भी सामावेश होना चाहिए। आज के इस लेख में हम आपको रतन टाटा के कुछ ऐसे विचारो को शेयर करेंगे जो आपको जीवन में आगे बढ़ने में मदद कर सकते हैं और अच्छा  कार्य करने के लिए प्रेरित कर सकते हैं |

रतन टाटा के अनमोल विचार

Ratan-Tata

 

वह व्यक्ति जो दूसरों की नकल करता है, कुछ समय के लिए तो सफल हो सकता है, परंतु जीवन में बहुत आगे नहीं बढ़ पाता।

हर व्यक्ति में कुछ-न-कुछ विशेष गुण और प्रतिभा होती है इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपने अंदर मौजूद गुणों और प्रतिभा का पहचानना चाहिए।

लोहे को कोई नुकसान नहीं पहूंचा सकता लेकिन  यह कार्य उसका अपना ही जंग (Rust) कर सकता है। वैसे ही किसी व्यक्ति को कोई नष्ट नहीं कर सकता सिवाय उसकी अपनी मानसिकता के।

मैं हमेशा लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए कहता हूं कि लोग प्रश्न पूछे जो अभी तक पूछे नहीं गए हैं, नए विचारों को आगे रखे, नये आईडिया पर विमर्श करे ताकि दुनिया को और बेहतरीन बनयाया जा सके।

विश्व के करोड़ों लोग मेहनत करते है लेकिन सबको इसका फल अलग-अलग प्राप्त होता हैं। इन सब के लिए मेहनत जिम्मेदार हैं। इसलिए मेहनत से मत भागीए, मेहनत करने के तरीको में सुधार लाइए।

हमें सफल व्यक्तियों से प्रेरणा लेनी चाहिए कि – अगर वे सफल हो सकते है तो हम क्यों नहीं? परंतु प्रेरणा लेते समय आंखे खुली रखनी चाहिए।

जिन जीवन मूल्यों और नीतियों को मैं जीवन में जीता रहा, इसके अतिरिक्त मैं जो संपंदा अपने पीछे छोड़ना चाहता हूं वह यह है कि आप हमेशा जिस चीज को सही माने उसके साथ डट कर खड़े रहे और जहां तक संभव हो निष्पक्ष बने रहे।

अगर कोई भी कार्य जन-साधारण के मापदंड़ों पर खरा उतरता है तो उसे जरूर करे लेकिन अगर नहीं उतरता हो तो बिल्कूल न करे।

अगर आप तेज चलना चाहते है तो अकेले चलिए। लेकिन अगर दूर तक जाना चाहते है तो साथ-साथ चलिए।

मैं भारत के भविष्य और इसकी क्षमता को लेकर काफी आशान्वित हूं। यह बहुत महान देश है। इसमें बहुत क्षमता हैं।

व्यक्ति को अपनी योग्यता और जीवन की परिस्थितियों के अनुसार अवसर एवं चुनौतियों की पहचान करनी चाहिए।

किसी भी कार्य को पूर्ण करने की समय-सीमा होनी चाहिए और वे ही कार्य करना चाहिए जिसे करने में आनंद आता हो।

हम सभी के पास समान योग्यता नहीं है लेकिन हमारे पास अपनी प्रतिभा को विकसित करने के लिए समान अवसर होते है|

उन सारे पत्थरों को अपने पास रख लें, जिसे लोग आप पर फेकते हैं और उन पत्थरों का प्रयोग एक मजबूत स्मारक बनाने में करे।

उस दिन जिस दिन मैं उड़ने के योग्य न रहूंगा वह दिन मेरे लिए सबसे मायूसी का दिन होगा।

मैं उन लोगों की प्रसंशा करता हूं जो बहुत सफल हैं। लेकिन अगर वह सफलता बहुत ज्यादा निर्ममता से हासिल हो तो मैं उस व्यक्ति की प्रसंशा तो करूँगा लेकिन इज्जत नहीं।

ये जीवन आपका है इसे इतना भी गंभीर मत बनाइये, हम सब इस दुनियां मे कुछ पलो के महमान है तो जीवन का आनंद लीजिये|

हो सकता कि मेरे निर्णयों से कई लोग दुःखी हो लेकिन मैं उस व्यक्ति के रूप में पहचाना-जाना चाहता हूं जिसने कभी किसी भी परिस्थिती में सही काम को सही ढ़ग से करने के लिए समझौता नहीं किया।

मुझे आशा है, आज से सौ साल बाद टाटा उपक्रम बहुत बड़ा होगा और भारत में सबसे श्रेष्ठ उपक्रम होगा। श्रेष्ठ होगा, अपने काम करने के तरीकों के लिए, श्रेष्ठ होगा बेहतरीन वस्तुओं के उत्पादन के लिए और श्रेष्ठ होगा अपने नीति और व्यवहारकुशलता के लिए।


सुनील कुमार

Back to top