No Widgets found in the Sidebar

मध्य प्रदेश राज्य में पहली बार अप्रैल 2010 में मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार लागू हुआ। शिक्षा को सभी वर्गों में समान बनाने के लिए संविधान में ‘शिक्षा का अधिकार’ (RTE) को अलग से जगह दी गई है, ताकि देश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रह पाए। वहीं, जानकारी के अभाव में कुछ लोग इन अधिकारों का लाभ नहीं उठा पाते हैं। RTE नियमों के अनुसार मध्य प्रदेश के निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर नि-शुल्क एडमिशन दिया जाता है। मध्य प्रदेश RTE निजी स्कूलों में गरीब परिवार के छात्रों को एडमिशन दिया जाता है जिनकी शिक्षा की पूरी फीस सरकार द्वारा दी जाती है।

यदि आप इस योजना के बारे में नहीं जानते है, तो घबराए नहीं इस लेख में हम आपको इस योजना के बारे में पूरी जानकारी देंगे की आप कैसे RTE मध्य प्रदेश के लिए आवेदन कर सकते हैं, और फॉर्म कहाँ से कैसे और कब मिलेंगे और जरूरी दस्तावेज कौन कौन से हैं जो आपको फॉर्म जमा करवाते वक़्त कौन कौन से दस्तावेज संलगन करने होंगे | तो ध्यान पूर्वक पढ़े और समय रहते ही अपने सारे कागज पूरे कर लें जो आज के इस लेख में हम आपको बताएगे |

आरटीई (RTE) क्या है?

भारत के संविधान (86वां संशोधन, 2002) में आर्टिकल-21ए को सम्मिलित किया गया है। इसके अंतर्गत 6 से 14 साल के सभी बच्चों को उनके नजदीक के सरकारी स्कूल में नि:शुल्‍क और अनिवार्य शिक्षा देने का प्रावधान है। यहां नि:शुल्‍क शिक्षा का तात्पर्य है कि बच्चों के अभिभावकों से स्कूल की फीस, बच्चे के यूनिफार्म और पुस्तकों के लिए कोई पैसे नहीं लिए जाते हैं। वहीं, इस अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में 25 प्रतिशत बच्चों का नामांकन बिना किसी शुल्क के किया जाता है। इस वर्ग में इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन यानी आर्थिक रूप से कमजोर और डिसएडवांटेज ग्रुप (जैसे – अनुसूचित जाति (SC) – जनजाति (ST) और अनाथ) को शामिल किया गया है|

अधिनियम के प्रमुख प्रावधान निम्नलिखित हैं

  • छह से चौदह वर्ष तक के हर बच्चे के लिए नजदीकी विद्यालय में मुफ्त आधारभूत शिक्षा अनिवार्य है।
  • इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए बच्चों से किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और न ही उन्हें शुल्क अथवा किसी खर्च की वजह से आधारभूत शिक्षा लेने से रोका जा सकेगा।
  • यदि छह के अधिक उम्र का कोई भी बच्चा किन्हीं कारणों से विद्यालय नहीं जा पाता है तो उसे शिक्षा के लिए उसकी उम्र के अनुसार उचित कक्षा में प्रवेश दिलवाया जाएगा।
  • इस अधिनियम के प्रावधानों को कियान्वित करने के लिए संबंधित सरकार तथा स्थानीय प्रशासन को यदि आवश्यक हुआ तो विद्यालय भी खोलना होगा। अधिनियम के तहत यदि किसी क्षेत्र में विद्यालय नहीं है तो वहां पर तीन वर्षों की तय अवधि में विद्यालय का निर्माण करवाया जाना आवश्यक है।
  • इस अधिनियम के प्रावधानों को अमल में लाने की जिम्मेदारी केंद्र एवं राज्य सरकार, दोनों की है, तथा इसके लिए होने वाल धन खर्च भी इनकी समवर्ती जिम्मेदारी रहेगी।

RTE की फुल फॉर्म क्या है?

RTE की फुल फॉर्म है Right to Education (शिक्षा का अधिकार अधिनियम) यह वर्ष 2010 में लागु हुई थी और जब से यह मध्य प्रदेश में लोगु हुई है तब से इस योजना का लाभ कई लोग ले चुके हैं, परन्तु आज भी मध्य प्रदेश के बहुत सारे लोग हैं जिन्हें इस योजना के बारे में बिलकुल भी जानकारी नहीं है और जिन्हें जानकारी है तो पूरी जानकारी नहीं है जिस कारण RTE मध्य प्रदेश सरकार के पास एडमिशन फॉर्म कम आते हैं और उसमे से भी बहुत से लोगो का फॉर्म विभिन्न कारणों से रद्ध हो जाता है, परन्तु इस लेख को पढने के बाद आप अपना फॉर्म ध्यान पूर्वक भर सकेंगे और संभावित गलतियों से बच सकते है, जिससे आपका बच्चा अपनी basic शिक्षा अच्छे निजी स्कूल से ग्रहण कर सके |

RTE मे आवेदन करने के लाभ

इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह है की मध्य प्रदेश में सभी निजी स्कूलो मे 25 प्रतिशत सीट्स आर्थिक रूप से कमजोर बच्चो के लिए रिज़र्व होती है ताकि सभी को अच्छी व सामान शिक्षा बिना किसी भेदभाव के मिल सके |

इस योजना के तहत यदि आपके बच्चे का नाम मध्य प्रदेश के किसी भी विद्यालय में आ जाता है तो आपका बच्चा कक्षा 8 तक विद्यालय में मुफ्त शिक्षा प्राप्त करेगा और उसे विद्यालय को किसी भी प्रकार का कोई शुल्क नहीं देना होगा जिसमे पुस्तके, स्कूल यूनीफ़ोर्म भी शामिल हैं | तो अब आप समझ सकते हैं की इस योजना में भाग लेना कितना जरुरी है और क्यूँ कई लोग इसके लिए भारी संख्या में अब फॉर्म भरना चालु कर चुके हैं | तो अपने बच्चे के बेहतर भविष्य के लिए तथा basic शिक्षा के लिए RTE मध्य प्रदेश एडमिशन फॉर्म जरुर भरें|

RTE मध्य प्रदेश आवेदन करने की योग्यता मापदंड

  • यह अधिनियम 6 से 14 साल के बच्चों के लिए है।
  • जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं, वें निजी स्कूल में 25 प्रतिशत आरक्षित सीट के लिए आवेदन भर सकते हैं।
  • एक परिवार जिसकी वार्षिक आय 3.5 लाख या उससे कम है, वो आरटीई अधिनियम के तहत सीटों के लिए आवेदन कर सकते हैं।
  • अनाथ, बेघर, विशेष आवश्यकता वाले बच्चे, ट्रांसजेंडर, एचआईवी संक्रमित बच्चे और प्रवासी श्रमिकों के बच्चे आरटीई अधिनियम के तहत स्कूल में प्रवेश के लिए पात्र हैं।
  • साथ ही अनुसूचित जाती और जनजाति श्रेणी के बच्चे भी आरटीई के तहत आवेदन करने की योग्यता रखते हैं। ये सभी डिसअडवानटेज श्रेणी में आते हैं।

मध्य प्रदेश मे कमजोर वर्ग के तहत आने वाली श्रेणी

मध्य प्रदेश राज्य के नियम के अनुसार कमजोर वर्ग के तहत आने वाले छात्रों की सुचि नीचे दी गई श्रेणी में से एक रूप में भी मानी जाएगी।

  • जिन उम्मीदवारों के माता – पिता की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम हैं।
  • SC / ST वर्ग के छात्र हो
  • एचआईवी / कैंसर से पीड़ित छात्र या ऐसे छात्र जिनके माता – पिता एचआईवी / कैंसर से पीड़ित है।
  • अनाथ बच्चे
  • पीडव्लूडी के छात्रों के लिए
  • पिछड़ा वर्ग या अत्यंत पिछड़ा वर्ग श्रेणी के छात्र जिनके माता पिता की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम हैं।
  • भारतीय सेनिकों की विधवाएं
  • वे छात्र जिनके माता पिता का नाम राज्य प्राधिकरण द्वारा तैयार की गई बीपीएल श्रेणी की सूची में शामिल हैं।

RTE मध्य प्रदेश प्रवेश के लिए लगने वाले दस्तावेज

नीचे हम इस संबंध में लगने वाले सभी जरूरी दस्तावेजों के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

  • माता-पिता की सरकारी आईडी – ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र, आधार कार्ड, राशन कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र या पासपोर्ट।
  • बच्चे की आईडी – यह बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट और आधार कार्ड तक सीमित नहीं है। माता-पिता बच्चे की किसी भी और सभी सरकारी दस्तावेजों को प्रस्तुत कर सकते हैं।
  • जाति प्रमाण पत्र – जाति प्रमाण पत्र भी RTE प्रवेश के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है।
  • भारत के राजस्व विभाग (Revenue Department of India) से आय प्रमाण पत्र।
  • बच्चे को किसी विशेष मेडिकल सुविधा की जरूरत हैं, तो आपको स्वास्थ्य विभाग द्वारा उचित प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
  • बेघर बच्चे (street child) या प्रवासी मजदूरों के बच्चों के मामले में एक हलफनामा (affidavit) तैयार किया जाना चाहिए, जो श्रम विभाग, शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग से जारी किया जाता है।
  • बच्चे की पासपोर्ट साइज फोटो।
  • अगर बच्चा अनाथ है, तो माता-पिता दोनों का मृत्यु प्रमाण पत्र होना चाहिए।
  • प्रवेश के लिए अंतिम तिथि से पहले सभी आवेदन जमा किए जाने चाहिए। RTE प्रवेश की अंतिम तिथि सामान्य रूप से हर साल अप्रैल के दूसरे और अंतिम सप्ताह के बीच होती है।

RTE मध्य प्रदेश एडमिशन 2020 आवेदन पत्र

RTE के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन चलेगी। आप RTE पोर्टल  Madhya Pradesh Govt की आधिकारिक वेबसाइट पर जा कर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय छात्रों को सारी जानकारी ध्यान से भरनी होगी। आवेदन करते समय वैलिड मोबाइल नंबर का होना बहुत जरुरी हैं। आवेदन पत्र पूर्ण भरने के बाद उसकी जांच पड़ताल जरूर कर लें।

RTE मध्य प्रदेश एडमिशन 2020 के लिए आवेदन कैसे करें

छात्रों के माता- पिता को आवेदन करने में काफी दिक्क्तों का सामना करना पड़ता है। लेकिन आज हम उन सभी माता पिता को आवेदन करने के कुछ साधारण स्टेप बताएंगे। आप इन स्टेप का इस्तेमाल करके आसानी से आवेदन कर सकेंगे।

  • सबसे पहले अपने आसपास के स्कूल के बारे में पता करें और जानकारी लें कि कौन से स्कूल आरटीई के अंतर्गत आ रहे हैं।
  • अगर सरकारी स्कूल आपके घर से दूर है, तो आसपास के निजी स्कूल के बारे में पता करें और जानें कि वहां आरटीई के तहत सीट हैं या नहीं।
  • जब आपको इसके बारे में पता चल जाए, तो स्कूल से आरटीई का फॉर्म लें।
  • याद रखें कि एक अभिभावक एक ही स्कूल में आरटीई का फॉर्म भर सकता है।
  • आप ऑनलाइन भी फॉर्म भर सकते हैं।
  • फॉर्म को भरने के बाद उसका प्रिंट निकाल लें।
  • फिर प्रिंट कॉपी को मांगे गए दस्तावजों के साथ स्कूल में जमा कर दें।

RTE का ऑनलाइन फॉर्म कैसे भरें?

कई लोग इस फॉर्म को ऑनलाइन भी भर सकते हैं, इसके लिए नीचे बताई गई प्रक्रिया पर ध्यान दें।

  • यह फॉर्म हर राज्य के शिक्षा विभाग की वेबसाइट में एक तय तिथि में उपलब्ध होता है।
  • यह फॉर्म हर साल चुनिंदा तिथि को ही वेबसाइट पर उपलब्ध होता है। तिथि के निकल जाने के बाद यह फॉर्म उपलब्ध नहीं होता।
  • फॉर्म भरते वक्त अभिभावक इस बात का ध्यान रखें कि फॉर्म में बच्चे के पूरे नाम के साथ स्थान का नाम, बच्चे का लिंग और अन्य जानकारियां सही-सही भरी जाएं।
  • फिर सबमिट बटन को क्लिक करके फॉर्म को सबमिट कर दें।

आपको ऑनलाइन फॉर्म राज्य सरकार की वेबसाइट से मिल सकते हैं, जो इस प्रकार हैं :

राज्य लिंक
असम https://elementary.assam.gov.in/portlets/right-to-education
चंडीगढ़ http://chdeducation.gov.in/?q=node/89
छत्तीसगढ़ http://eduportal.cg.nic.in/RTE/Index.aspx
गुजरात https://rte.orpgujarat.com/
हरियाणा http://www.hsspp.in/RtE.aspx
हिमाचल प्रदेश https://himachal.nic.in/index1.php?lang=1&dpt_id=16&level=0&linkid=587&lid=1521
झारखंड http://164.164.122.169:8090/JEPC/public/
कर्नाटक http://www.schooleducation.kar.nic.in/index.html
केरल http://www.education.kerala.gov.in/index.php?option=com_content&view=article&id=93&Itemid=126
मध्य प्रदेश http://rteportal.mp.gov.in/
 महाराष्ट्र https://rte25admission.maharashtra.gov.in/adm_portal/Users/rteindex
नागालैंड https://scert.nagaland.gov.in/category/school-education/
ओडिशा http://scertodisha.nic.in/rte/
राजस्थान https://rte.raj.nic.in/Home/Home.aspx
तमिलनाडु http://rte.tnschools.gov.in/
तेलंगाना https://scert.telangana.gov.in/Home.aspx
उत्तर प्रदेश http://rte25.upsdc.gov.in/
उत्तराखण्ड https://rte121c-ukd.in/uttarakhand

ध्यान दें : अभी हम यहां सीमित राज्यों के बारे में ही जानकारी दे रहे हैं। अन्य राज्यों के बारे में जानकारी मिलते ही, इस सूची को फिर से अपडेट किया जाएगा।

RTE मध्य प्रदेश Lottery Result कैसे चेक करें

Lottery Result दो प्रकार से होता है 1 ऑफलाइन ओर 2 ऑनलाइन हम आप को दोनों स्थिति मे Lottery Result कैसे चेक करना है बताने जा रहें है।

ऑफलाइन आरटीई के परिणाम निजी स्कूलों में माता-पिता के सामने लॉटरी सिस्टम द्वारा निकाले जाते हैं। फिर हर लॉटरी सिस्टम के बाद एडमिशन की प्रक्रिया के लिए तिथि का चुनाव होता है और उसी तिथि को बच्चों का नामांकन कराया जाता है।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद छात्रों के रिजल्ट जारी किये जायेंगे। रिजल्ट देखने के लिए छात्रों को लॉगिन करना होगा। लॉगिन करने के बाद छात्रों को स्कूल का स्थान और स्कूल का नाम डालना होगा। छात्र रिजल्ट देखने के बाद अपनी जानकारी की जांच पड़ताल जरूर कर लें।

सर्वप्रथम आप RTE मध्य प्रदेश की आधिकारिक वेबसाइट ओपन करें यहाँ से

“Login” पर क्लिक करें

अब अपना जिला चुने

इसके बाद लाटरी रिजल्ट चुने

और अब आप सबमिट बटन पर क्लिक करें आपके सामने एक लिस्ट आ जायेगी जिसमे आप अपने बच्चे का नाम चेक कर सकते हैं |

RTE मध्य प्रदेश एडमिशन 2020 रिपोर्टिंग समय

ऑनलाइन लॉटरी निकलने के बाद छात्रों को स्कूल में रिपोर्टिंग करनी होगी। छात्रों को समय से पहले स्कूल में रिपोर्टिंग करनी होगी। समय निकल जाने के बाद छात्र फिर से रिपोर्टिंग नहीं कर सकते हैं। रिपोर्टिंग करते समय छात्रों को अपने सारे मूल दस्तावेज लेकर जाने होंगे। आवेदक को एक अनुकूली रिपोर्टिंग फ़ॉर्म भी भरना होगा और फॉर्म से संबंधित स्कूल से एक रसीद एकत्र करनी होगी।