पद्मनाभस्वामी मंदिर के बारे में कुछ रोचक तथ्य


दुनिया के सबसे अमीर मंदिरों में से एक है पद्मनाभस्वामी मंदिर जो की भारत का सबसे अमीर मंदिर होने के साथ-साथ सबसे रहस्यमयी मंदिर भी है| पद्मनाभस्वामी मंदिर भारत के केरल राज्य के तिरुअनन्तपुरम में स्थित भगवान विष्णु का प्रसिद्ध हिन्दू मंदिर है। पद्मनाभ स्वामी मंदिर का निर्माण राजा मार्तण्ड द्वारा करवाया गया था। भारत के प्रमुख वैष्णव मंदिरों में शामिल यह ऐतिहासिक मंदिर तिरुअनंतपुरम के अनेक पर्यटन स्थलों में से एक है। पद्मनाभ स्वामी मंदिर विष्णु-भक्तों की महत्वपूर्ण आराधना-स्थली है।

दुनिया का सबसे अमीर पद्मनाभस्वामी मंदिर के बारे में कुछ रोचक बातें

1. पद्मनाभस्वामी मंदिर के पास स्विट्ज़रलैंड (Switzerland) की पूरी अर्थव्यवस्था के बराबर सम्पति है|

2. पद्मनाभस्वामी मंदिर के सात दरवाजे थे जिन्हे कभी खोला नहीं गया था|

3. सुप्रीमकोर्ट के आदेश के बाद सिर्फ 6 कमरों को ही खोला गया|

4. पद्मनाभस्वामी मंदिर के इन 6 कमरों से 1,32,000 करोड़ का खजाना बरामद हुआ है|

5. पद्मनाभस्वामी मंदिर के इन 6 कमरों में से बहुमूल्‍य हीरे-जवाहरातों के अलावा सोने के अकूत भंडार और प्राचीन मूर्तियां भी निकलीं साथ ही हर दरवाजे के पार अधिकारियों के पैनल को प्राचीन स्‍मृतिचिह्नों के अंबार भी मिलते गये।

6. इस खजाने का मूल्य वर्तमान मूल्य पर किया गया है|

7. एंटिक पिस होने की वजहाँ से इन की असल कीमत कही ज्यदा होगी|

8. पद्मनाभस्वामी मंदिर के 7 वें दरवाजे को अभी भी नहीं खोला गया है|

9. पद्मनाभस्वामी मंदिर के 7 वें दरवाजे पर किसी भी तरह की कुंडी या ताला नहीं लगा हुआ है|

10. पद्मनाभस्वामी मंदिर के 7 वें दरवाजे पर दो सापों के प्रतिबिम्ब बने हुए है|

11. पुराणिक कथाओ की माने तो पद्मनाभस्वामी मंदिर के 7 वें दरवाजे की रक्षा नाग बन्धम् करता है|

12. पद्मनाभस्वामी मंदिर के 7 वें दरवाजे को सिर्फ गरुण मंत्र के सही और स्पष्ट उच्चारण करने पर ही खोला जा सकता है|

13. अभी तक ऐसा कोई व्यक्ति नहीं मिला जो गरुण मंत्र के सही और स्पष्ट उच्चारण कर के पद्मनाभस्वामी मंदिर के 7 वें दरवाजे को खोल सके|

14. कोई नहीं जनता की इस दरवाजे के पीछे कौन सा राज छुपा है|

पद्मनाभस्वामी मंदिर के बारे में कुछ और रोचक बातें

यहां पर भगवान विष्णु की विश्राम अवस्था को पद्मनाभ कहा जाता है। पद्मनाभ स्वामी मंदिर के साथ एक पौराणिक कथा जुड़ी है। मान्यता है कि सबसे पहले इस स्थान से विष्णु भगवान की प्रतिमा मिली थी जिसके बाद यहां पर मंदिर का निर्माण किया गया।
त्रवंकोरे शाही मुकुट मंदिरों में रखा है यह मुकुट 18 वी सदी के त्रवंकोरे के राजा का है और शाही परिवार के सदस्य उनकी और से राज करते है। यह शाही मुकुट हमेशा त्रवंकोरे मंदिर में सुरक्षित रहता है।
इस मंदिर में लंबे समय से नृत्य चलता आ रहा है इसके सहारे से बिना किसी की मदद से पद्मनाभा मंदिर का खजाना दुसरे सभी खजानों से अधिक है। 2011 में इस मंदिर का तहखाना खुला जिसमे इतना धन निकला की यह मंदिर दुनिया का सबसे आमिर मंदिर बन गया। इसके पहले मुगल खजाना 90$ बिलियन का सबसे बड़ा था।
पद्मनाभस्‍वामी के खजाने में मिली वस्‍तुओं में सबसे ज्‍यादा आकर्षण का केंद्र रहा 18 फुट लंबा सोने का हार है, जो 10.5 किलो का है। करीब 536 किलो सोने के भारतीय सिक्‍के, 20 किलो सोने के ब्रिटिश सिक्‍के।

पहले भी खुला है पद्मनाभस्‍वामी मंदिर का दरवाजा

मंदिर के पुराने रिकार्ड की मानें तो इस मंदिर के नीचे बने उक्‍त तहखाने को खोलने का प्रयास 139 साल पहले भी हो चुका है। वहीं सूत्रों की मानें तो सन 1930 के दशक में भी सभी तहखानों को खोलने की कोशिश की गई थी। तब एहतियात के तौर पर मंदिर के बाहर एंबुलेंस भी बुलाई गई थी। सिर्फ इतना ही नहीं त्रावणकोर राजपरिवार से जुड़े सूत्रों की मानें तो राजवंश के किसी सदस्‍य को दिव्‍य स्‍वप्‍न आने के बाद इस दरवाजे को खोला जाता रहा है। कहा तो ये भी जाता है कि इस दरवाजे के भीतर से एक रास्‍ता सीधे समुद्र की तरफ जाता है।

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सुनील कुमार

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