कछुए वाली अंगूठी पहनने के लाभ


पहले लोग रत्नों वाली अंगूठियाँ पहना करते है आज भी पहनते है अपने राशिफल के अनुसार लेकिन आजकल रत्नों वाली अंगूठियों के अलावा भी कई तरह की अंगूठियां लोगों के हाथों में देखी जाती हैं जिसमें से एक है कछुए वाली अंगूठी। कछुए की अंगूठी आमतौर पर बहुत लोगों के हाथों में दिख जाती है। कुछ लोग इसे सिर्फ फैशन के लिए पहनते हैं लेकिन कुछ लोग इसे वास्तु से जोड़कर पहनते हैं। वास्तुशास्त्रीयों के अनुसार इसे पहनने से व्यापार, आत्मविश्वास और सेहत दुरुस्त रहती है। लक्ष्मी जी घर में विराजमान रहती है। लेकिन कछुए की अंगूठी पहनते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। वरना इसके लाभ नहीं होते।turtle ring

कछुए की अंगूठी से जुड़ी खास बातें

  • अंगूठी सीधे हाथ की मध्यमा या तर्जनी उंगली में पहननी चाहिए। कछुए को मां लक्ष्मी के साथ जोड़ा गया है, इसलिए इसे लक्ष्मी के दिन शुक्रवार को पहनने से ज्यादा लाभ होगा।
  • कछुए की अंगूठी को इस तरह बनवाएं की कछुए के सर वाला भाग पहनने वाले व्यक्ति की ओर हो। कछुए का मुख बाहर की ओर होगा तो नकारात्मक असर हो सकता है।
  • शुक्रवार के दिन अंगूठी को खरीदें और घर लाकर लक्ष्मीजी की मूर्ति के सामने कुछ देर रख दें। दूध और पानी से धोएं। पूजा करें। इसके बाद इसे धारण करें।
  • समुद्र मंथन की कथा के अनुसार भगवान विष्णु ने समुद्र मंथन के लिए कछुए का अवतार लिया था और देवी लक्ष्मी समुद्र मंथन से प्रकट हुई थी जो विष्णु जी की पत्नी बनी। इसलिए लक्ष्मी जी के साथ ही कछुए को भी धन बढ़ाने वाला माना गया है।
  • कछुए को धैर्य, शांति, निरंतरता और सुख-समृद्धि का भी प्रतिक माना जाता है। कछुए वाली अंगुठी चांदी की होगी तो ज्यादा शुभ रहेगा।
  • शास्त्रों के अनुसार कछुए को सकारात्मकता और उन्नति का प्रतिक माना जाता है।

कछुआ संपन्नता और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। लेकिन फैशन में भी कछुएं वाली अंगूठी ने खास जगह बनाई है। आजकल लडकियां में कछुआ रिंग बहुत ही लोकप्रिय हो रही है। घर में बरकत बनी रहे इसलिए कछुआ पालते हैं, लेकिन अब वहीं कछुआ रिंग फैशन वल्र्ड में अपनी स्पेशल पहचान बना रहा है। इस कछुएं वाली अंगूठी को आप अपने बजट के मुताबिक बना सकते हैं। चाहे तो चांदी, सोने में जडे नग द्वारा बनवा सकते हैं।

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सुनील कुमार

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