नवरात्रि में क्या करें


नवरात्री हिन्दुओ के विशेष पर्वो मे से एक है जिसे पूरे भारत वर्ष मे बड़ी ही धूम धाम से मनाया जाता है| इन दिनों मे लोग नौ दिनों तक माँ भगवती के नौ स्वरुपों की पूजा करते है | नवरात्री के पहले दिन माँ भगवती की मूर्ति की स्थापना की जाति है और कलश स्थापना की जाति है जिसे श्री गणेश जी का स्वरूप माना जाता है| नवरात्री के दोरान किये जाने वाले हर काम को शुभ माना जाता है|

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नवरात्री के दिनों मे लोग माँ भगवती के नाम से आठ 8 या नौं 9 दिनों का पूर्ण व्रत रखते है और कुछ लोग प्रतिपदा (प्रथम) और अष्टमी का व्रत रखते हैं| हर कोई आपनी श्रद्ध अनुसार व्रत रखते है, लेकिन नवरात्री के दिनों में व्रत रखने वालों के लिए कुछ नियम होते हैं ऐसी ही कुछ बातों के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं जिसे आपको नवरात्रि के व्रत में खास ख्याल रखना चाहिए।

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नवरात्रों के व्रत के दौरान क्या करें

1. जितना हो सके लाल रंग के आसन पुष्प वस्त्र का प्रयोग करे क्योकि लाल रंग माँ को सर्विपरी है |

2. सुबह और शाम मां के मंदिर में या अपने घर के मंदिर में दीपक प्रज्जवलित करें। संभव हो तो वहीं बैठकर माँ का पाठ करें दुर्गा सप्तसती और दुर्गा चालीसा पढ़े ।

3. हर दिन माँ की आरती का थाल सजा कर आरती करे ।

4. माँ को हर दिन पुष्प माला चढाएं।

5. नवरात्री ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए।

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6. नवरात्री मे व्रत रखने वाले को जमीन पर सोना चाहिए।

7. नवरात्री मे व्रत करने वाले को फलाहार ही करना चाहिए।

8. व्रती को संकल्प लेना चाहिए कि हमेशा क्षमा, दया, उदारता का भाव रखेगा।

9. नवरात्री के दिनों मे व्रती को क्रोध, मोह, लोभ आदि दुष्प्रवृत्तियों का त्याग करना चाहिए।

10. अष्टमी-नवमीं पर विधि विधान से कंजक पूजन करें और उनसे आशीर्वाद जरूर लें।

11. घर पर आई किसी भी कन्या को खाली हाथ विदा न करें।

12. नवरात्र काल में माँ दुर्गा के नाम की ज्योति अवश्य जलाए। अखण्ड ज्योत जला सकते है तो उतम है। अन्यथा सुबह शाम ज्योत अवश्य जलाए।

नवरात्रों में क्या ना करें

माँ दुर्गा के नौ रुप

नवरात्रों में माता के नौ रुपों की आराधना की जाती है। माता के इन नौ रुपों को हम देवी के विभिन्न रूपों की उपासना, उनके तीर्थो के माध्यम से समझ सकते है।

शैलपुत्री इसका अर्थ- पहाड़ों की पुत्री होता है।
ब्रह्मचारिणी इसका अर्थ- ब्रह्मचारीणी।
चंद्रघंटा इसका अर्थ- चाँद की तरह चमकने वाली।
कूष्माण्डा इसका अर्थ- पूरा जगत उनके पैर में है।
स्कंदमाता इसका अर्थ- कार्तिक स्वामी की माता।
कात्यायनी इसका अर्थ- कात्यायन आश्रम में जन्मि।
कालरात्रि इसका अर्थ- काल का नाश करने वली।
महागौरी इसका अर्थ- सफेद रंग वाली मां।
सिद्धिदात्री इसका अर्थ- सर्व सिद्धि देने वाली।


सुनील कुमार

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